देखिये, महज 30 रुपये में बाइक में लगाया ये शानदार फीचर
ऐसा पहली बार हुआ है जब एक युवक ने रॉयल इनफील्ड बाइक में क्रूज कंट्रोल फीचर का प्रयोग किया है। इसके लिए कोई हजारों रुपये नहीं खर्चे हुए हैं बल्कि महज 30 रुपये की लागत आयी है।
क्रूज कंट्रोल एक ऐसा फीचर होता है जिसका प्रयोग अमूमन चारपहिया वाहनों में ही देखने को मिलता है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब एक युवक ने रॉयल इनफील्ड बाइक में क्रूज कंट्रोल फीचर का प्रयोग किया है। इसके लिए कोई हजारों रुपये नहीं खर्चे हुए हैं बल्कि महज 30 रुपये की लागत में क्रूज कंट्रोल सिस्टम का प्रयोग इस बाइक में किया गया है। आप भी इस जुगाड़ का वीडियो देख सकते हैं। तो आइये जानते हैं कि, आखिर किस प्रकार क्रूज कंट्रोल का प्रयोग इस बाइक में किया गया है।

जैसा कि आप देख सकते हैं बाइक के हैंडल पर एक मेटेल का पीस लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर इसे एक हुक के माध्यम से बाइक के ब्रेक से जोड़ा गया है। इसके अलावा एक 'नट' और बोल्ट का भी प्रयोग किया गया है। जो कि, बाइक की राइड पर नियंत्रण करता है। ये नट-बोल्ट एक टेंशन जेनेरेट करता है जो कि, बाइक को आगे बढ़ने में मदद करता है।

बाइक के ग्रीप पर एक लीवर का प्रयोग किया गया है, जिसकी मदद से इस सिस्टम का प्रयोग किया जाता है। जब भी बाइक पर क्रूज कंट्रोल सिस्टम को शुरू करने की जरूरत होती है तो इसे इस लीवर की मदद से कंट्रोल किया जाता है। आपको बता दें कि, ये बेहद ही किफायती और आसानी से किसी भी बाइक पर फिट होने वाला सिस्टम है।
इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे बाइक पर कॉन्ट्रैक्शन लगाया जाता है और जिस तरह से यह बाइक की सीमित गति क्रूज नियंत्रण में मदद करता है। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि यह प्रणाली यातायात में दैनिक यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं है बल्कि ये केवल लंबी दूरी की यात्रा के लिए केवल ही सहायक है।

क्या होता है क्रूज कंट्रोल:
दरअसल क्रूज कंट्रोल वो सिस्टम होता है जो कि वाहन को एक सिमित गति में चलने में मदद करता है। इसके लिए चालक को बार बार थ्रोटल यानी की, एक्सलेटर और क्लच के प्रयोग करने की कोई भी जरूरत नहीं होती है। क्रूज कंट्रोल को अप्लाई करने के लिए चालक को वाहन की एक गति को फिक्स करने की जरूरत होती है। इसके लिए एक सामान्य गति पर एक्सलेटर को प्रेसर देना होता है और उसी दौरान क्रूज कंट्रोल सिस्टम को आॅन कर दिया जाता है। इसके बाद थ्रोटल की कोई भी जरूरत नहीं होती है।

क्रूज कंट्रोल अप्लाई होने के बाद वाहन उस तय किये गये गति से चलता रहता है। इस प्रणाली का प्रयोग ऐसी सड़कों पर किया जाना सहज होता है जो खाली हो ताकि एक फिक्स स्पीड पर वाहन को दौड़ाया जा सके। जैसे ही चालक ब्रेक अप्लाई करता है क्रूज कंट्रोल सिस्टम आॅफ हो जाता है। इस सिस्टम का सबसे बेहतर प्रयोग हाइवे पर देखने को मिलता है।

इस सिस्टम से चालक को न केवल बेहतर और आरामदेह राइडिंग का अनुभव मिलता है बल्कि इससे वाहन के माइलेज पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। आपको बता दें कि, बाइक पर प्रयोग किये गये इस क्रूज कंट्रोल सिस्टम को महज 30 रुपये खर्च कर के लगाया गया है जो कि, किसी भी बाइक पर आसानी से लगाया जा सकता है।


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