बुलेट सवार ने की एम्बुलेंस को ट्रैफिक से निकालने में मदद, देखें वायरल वीडियो
एम्बुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहनों में बड़े हूटर अथवा साईरन लगे होते हैं जो सड़क पर सामने आने वाले वाहनों को रास्ता देने के लिए सावधान करते हैं।

लेकिन भारत में स्थिति कुछ अलग है। भारतीय सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि लोग एम्बुलेंस, फायरब्रिगेड या पुलिस की गाड़ियों को रास्ता नहीं देते या उनका ध्यान इसपर जाता ही नहीं है।

ऐसे कई मामले हैं जिनमे एम्बुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहन को रास्ता नहीं मिलने पर या ट्रैफिक जाम होने के कारण गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की एम्बुलेंस में ही मौत हो गई है।

लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ट्रैफिक में फंसे एम्बुलेंस की मदद के लिए सामने आते हैं । दिल्ली के बाइकर द्वारा बनाई गई एक वीडियो सामने आई है जिसमें वह ट्रैफिक में फंसे एम्बुलेंस को बहार निकालने में मदद करता है।

यह वीडियो 'एनसीआर बाइकर' द्वारा साझा की गई है जिसमे बाइकर को ट्रैफिक से भरी सड़क पर एम्बुलेंस के लिए रास्ता साफ करते देखा जा सकता है।
बाइकर बुलेट पर एम्बुलेंस के आगे चलता रहता है और सामने आने वाले वाहनों को सड़क के एक तरफ हटने के लिए कहता है। बाइकर लगातार सामने चल रही गाड़ियों को एम्बुलेंस के लिए रास्ता देने के लिए कहता है।

बाइकर के इस कदम से एम्बुलेंस को ट्रैफिक से जल्दी निकलने में मदद मिलती है और आगे का रास्ता साफ हो जाता है। एम्बुलेंस में जा रहे किसी घायल व्यक्ति या मरीज के लिए समय का हर पल काफी मायने रखता है। किसी जरूरतमंद को समय से अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाई जा सकती है।

अमेरिका और ब्रिटैन जैसे कई विकसित देशों में लोग साईरन देते हुए इमरजेंसी वाहनों को रास्ता देते हैं। एक एम्बुलेंस तभी साईरन देती है जा वह किसी मरीज या घायल व्यक्ति को ले जा रही होती है या उसे लेने अस्पताल जा रही होती है।

ऐसे वाहनों में साईरन लगे होते है जो तेज आवाज करती है। साईरन की आवाज सुनकर लोग सावधान हो जाते हैं और एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के जाने के लिए रास्ता देते हैं।

भारत में केरल राज्य से ऐसी कई वीडियो सामने आई है जिसमे साईरन की आवाज सुनते ही लोग एम्बुलेंस के लिए रास्ता छोड़ देते हैं और एम्बुलेंस आसानी से निकल जाती है।

हालांकि, कई राज्यों में लोगों के बीच इस शिष्टता के प्रति जागरूकता नहीं है लेकिन अब धीरे-धीरे लोग इस बात को जानने लगे हैं और ट्रैफिक में फंसे इमरजेंसी वाहनों के मदद के लिए सामने भी आ रहे हैं।

बता दें कि, भारतीय ट्रैफिक कानून के अनुसार एम्बुलेंस, पुलिस और फायरब्रिगेड जैसे इमरजेंसी वाहनों का रास्ता रोकना या उन्हें रास्ता नहीं देना कानूनी अपराध है और इसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान है।

1 सितंबर से लागू हुए संशोधित मोटर वाहन एक्ट के अनुसार सड़क पर इमरजेंसी वाहनों का रास्ता रोकने पर 10,000 रुपये का चालन किया जा सकता है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में ट्रैफिक नियम के प्रति लोगों के बीच बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। लोगों को इमरजेंसी वाहन की जरूरतों के प्रति जागरूक होना चाहिए। देश में यातायात संबंधित नियमों का सही पालन कर हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
Source: ncr bikerz/YouTube


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