देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद को बताया कि वर्ष 2020 में गड्ढों के कारण देश में कुल 3,564 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। उन्होंने बताया कि ये दुर्घटनाएं पिछले पांच वर्षों में सबसे कम हैं। परिवहन मंत्री ने आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि 2016, 2017, 2018 और 2019 में गड्ढों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या क्रमशः 6,424, 9,423, 4,869 और 4,775 थी।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने चार कारकों के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को संबोधित करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति बनाई है। इसमें यातायात नियमों की शिक्षा, सड़कों और वाहनों दोनों की इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता शामिल है।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

वर्ष 2019 में हुई कुल दुर्घटनाओं के बारे में बताते हुए गडकरी ने कहा कि आंकड़े 4 प्रतिशत घटकर 4,49,002 हो गए हैं। इनमें से ओवरस्पीडिंग के कारण 3,19,028 दुर्घटनाएं हुईं, जबकि नशे में गाड़ी चलाने या शराब और ड्रग्स का सेवन करने से 12,256 दुर्घटनाएं हुईं हैं। 2019 में गलत साइड या लेन अनुशासनहीनता, रेड लाइट जंप करने और मोबाइल फोन के उपयोग के कारण दुर्घटनाओं की संख्या क्रमशः 24,431, 4,443 और 10,522 थी।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

सड़क दुर्घटनाओं और उनके कारणों के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने बताया कि ऑटोमोबाइल डिजाइन, अधिक गति, मोबाइल फोन का उपयोग, नशे में गाड़ी चलाना, ओवरलोड वाहन, वाहनों की स्थिति और खराब रोशनी जैसे कई कारण सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

इनके अलावा, अन्य कारणों में रेड लाइट जंपिंग, ओवरटेक करना, नगर निकायों की लापरवाही, मौसम की स्थिति, चालक की गलती, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, सड़क की स्थिति में खराबी, मोटर वाहन की स्थिति में खराबी, साइकिल चालक की गलती और पैदल यात्री की गलती शामिल हैं।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

गडकरी ने संसद को सूचित किया कि योजना के स्तर पर सड़क सुरक्षा को सड़क डिजाइन का एक अभिन्न अंग बना दिया गया है और उनके मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट या दुर्घटना संभावित स्थान की पहचान और सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है। मंत्री ने सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में बताया और वाहन कंपनियों से अपने वाहनों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन करने का भी आग्रह किया।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

बता दें कि, हाल ही में नितिन गडकरी ने राजमार्गों पर वाहनों की गति सीमा को 20 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाने का फैसला लिया है। मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक में, गडकरी ने कहा कि समय के साथ राजमार्गों की स्थिति में सुधार हुआ है, इसलिए अब वाहनों की गति को बढ़ाने और यात्रा के समय को कम करने पर ध्यान देना आवश्यक है।

देश की सड़कों पर कम हुए गड्ढे, पिछले पांच सालों में सबसे कम हुई दुर्घटनाएं, सामने आए आंकड़े

गडकरी ने कार कंपनियों से की अपील

पिछले दिनों नितिन गडकरी ने SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने वाहन निर्माताओं से कारों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उनमें 6 एयरबैग्स लगाने का सुझाव दिया। गडकरी ने समूह से कहा कि इससे सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।

देश में 1 अप्रैल 2021 से कार कंपनियों को सभी नई कारों में डुअल एयरबैग देना अनिवार्य कर दिया गया है जबकि पुरानी कारों में डुअल एयरबैग लगवाने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया है। बता दें कि फ्रंट सीट पैसेंजर एयरबैग की अनिवार्यता सुप्रीम कोर्ट की समिति के सुझावों पर आधारित है। इसे भारतीय सड़कों पर वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विशेषता के रूप में जारी किया गया था।

Most Read Articles

Hindi
English summary
Road accidents due to potholes declined in 2020 says nitin gadkari
Story first published: Tuesday, August 10, 2021, 19:09 [IST]
 
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X