भारत में सड़क दुर्घटना लेता है सबसे अधिक कामकाजी पुरुषों की जान, देखें क्या कहते है आकड़े
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नौकरी करने वाले पुरुषों की सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौत भारत में होती है। सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 14.4 प्रतिशत पुरुष 15-39 वर्ष तक के होते है।

वहीं ये आंकड़ा 15-29 वर्ष के पुरुषों के लिए 17.7 प्रतिशत तक पाया गया है। सड़क दुर्घटनाओं में 15-39 वर्ष की महिलाओं की मौत का आंकड़ा 3.4 प्रतिशत है, वहीं 15-29 वर्ष की महिलाओं की मौत का आंकड़ा 3.3 प्रतिशत है।

स्टडी में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पिछले 30 सालों में 15-19 वर्ष के लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों में कमी आई है। इसका कारण कड़े यातायात नियमों को माना जा रहा है।

पुरुषों की ज्यादा संख्या में मौत का एक कारण पुरुष वाहन चालकों का महिला वाहन चालकों के अनुपात में ज्यादा होना हो सकता है। पुरुषों के लिए सड़क दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा उनकी उम्र के साथ बढ़ा है।

जब कि कम उम्र के पुरुषों के लिए यह आंकड़ा कम पाया गया है। शोध के अनुसार इसके कुछ कारकों में से एक यह है कि कम उम्र के पुरुषों में बुजुर्ग पुरुषों के मुकाबले ज्यादा सजगता होती है।

इस शोध में इस बात का भी खुलासा हुआ कि पिछले 30 सालों में महिलाएं सड़कों पर पुरुषों के मुकाबले ज्यादा सतर्क हो गई है। इस शोध में 1990 और 2017 के आंकड़ों की तुलना की गई है।

यह आंकड़े दिखाते है कि सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल मौतों में 15-19 साल के पुरुषों की संख्या घटी है। वहीं 20-24 साल और 25-29 साल के पुरुषों की मौत में भी कमी आई है।

वहीं बात करें 30-34 साल और 35-39 साल के पुरुषों की तो इनकी मौत की संख्या में इजाफा हुआ है। 15-19 साल के पुरुषों में इस कमी का कारण है कि 18 साल से कम उम्र के लोगों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
सड़क दुर्घटनाओं में कामकाजी पुरुषों की मौत भारत में सबसे ज्यादा होती है। इसका एक कारण ये भी है कि कामकाजी पुरुष जल्दबाजी के चलते यातायात नियमों का पालन नहीं करते है। इन घटनाओं को रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
Source: TOI


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