दिल्ली में सिर्फ RFID टैग वाले कमर्शियल वाहनों की होगी एन्ट्री, SDMC ने जारी किया आदेश
दिल्ली में 31 अगस्त से RFID टैग को अनिवार्य कर दिया गया है जिसे बाद बैगर टैग के कमर्शियल वाहनों को एंट्री नहीं दी जा रही है। बता दें कि दिल्ली में ऑटोमैटिक टोल भुगतान की प्रणाली को लागू करने के लिए साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (SDMC) ने RFID टैग यानी फास्टैग को कमर्शियल वाहनों पर अनिवार्य कर दिया है।

ऐसे में दिल्ली का बॉर्डर पार करने वाले कमर्शियल वाहनों को टोल का भुगतान फास्टैग के माध्यम से करना होगा। साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 1 सितंबर को फास्टैग का इस्तेमाल नहीं करने वाले 150 कमर्शियल वाहनों को दिल्ली बॉर्डर पर रोक कर जुर्माना लगाया। चालान की राशि टोल टैक्स के बराबर ली गई।

रिपोर्ट के मुताबिक नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों को टोल प्लाजा के 200 मीटर पहले ही रोका जा रहा है ताकि हाईवे पर ट्रैफिक जाम से बचा जा सके। बता दें कि दिल्ली में एंट्री करते समय कमर्शियल वाहनों से 700 रुपये से 1400 रुपये तक ईसीसी (एनवारोमेंट कंपन्शेशन चार्ज) के अलावा 100 रुपये से 2000 रुपये तक का टोल टैक्स लिया जाता है।

SDMC ने बताया कि एक बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन और परमिट कैंसिल किया जा सकता है। SDMC के अनुसार, दिल्ली के बॉर्डर पर 39 पॉइंट-ऑफ-सेल (PoS) सेंटर बनाये गए हैं जहां पर RFID टैग को खरीदा और रिचार्ज किया जा सकता है। RFID टैग को SDMC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप MCD-Toll पर ऑनलाइन रिचार्ज भी किया जा सकता है।

क्या है RFID आधारित फास्टैग
फास्टैग (FasTag) एक स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन तकनीक (RFID) पर काम करता है। जब गाड़ियां टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है। इससे गाड़ियों को टोल पलजा पर रुक कर भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे समय की बचत होती है साथ ही प्रदूषण भी कम होता है।

फास्टैग को सभी पैसेंजर चारपहिया वाहन, बस, ट्रक, लाॅरी और निर्माण में उपयोग होने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए लागू किया गया है। बता दें कि दोपहिया वाहनों में फास्टैग लगाना जरूरी नहीं है।

फास्टैग को देश भर के किसी भी टोल बूथ पर खरीदा जा सकता है। फास्टैग खरीदने के लिए आपको व्हीकल रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स के साथ एक आईडी की जरूरत होगी। टोल प्लाजा के अलावा, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक सहित 22 बैंकों के माध्यम से फास्टैग खरीदे जा सकते हैं। कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे पेटीएम, अमेजन और फ्लिपकार्ट भी अपने ऐप के जरिए फास्टैग की बिक्री कर रहे हैं।


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