कर्नाटक सरकार मोटर व्हीकल एक्ट को करेगी संसोधित, घटाएं जाएंगे ट्रैफिक चालान के रेट
मोटर व्हीकल एक्ट देश भर में लागू हुए 19 दिन से ज्यादा का वक्त हो गया है। इस एक्ट के लागू होने के बाद से ही देश भर यह चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने इस एक्ट को स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों ने इसके विद्रोह में भी कई तर्क दिए है।

दरअसल नए मोटर व्हीकल एक्ट की वजह से लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। यह जुर्माना यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों पर लगाया जा रहा है। इस वजह से आम नागरिकों और पुलिस के बीच कई जगहों से झड़प की खबरें भी सामने आई है।

हाल के दिनों में नए मोटर व्हीकल एक्ट के भारी जुर्माने ने लोगों को खूब परेशान किया है। इसलिए कई राज्यों ने इस एक्ट को अपने प्रदेश में लागू करने पर रोक लगा दी है। वहीं कुछ राज्यों ने इसमें संसोधन की मांग भी रखी है।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र जैसे राज्य में नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू नहीं किया गया है। वहीं गुजरात ने इसमें संसोधन की कर दिया है। गुजरात ने मोटर व्हीकल एक्ट में लग रहे भारी जुर्माने राशि को आधा कर दिया है।

इस कड़ी में अब कर्नाटक राज्य का भी नाम शामिल हो गया है। कर्नाटक परिवहन विभाग ने कानून विभाग से सलाह मांगी है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना राशि को संसोधित कर लागू किया जाएं।

इस बारे में बात करते कर्नाटक सरकार के एक मंत्री ने कहा कि हम कानून मंत्री से बात कर रहे है और उम्मीद है कि भारी जुर्माने की राशि को कम कर फिर से लागू किया जाएगा।

वहीं कानून और संसदीय कार्य मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा कि हम इस बारे में विचार कर रहे है। ऐसी उम्मीद है कि जल्द ही हम इस बारे में किसी निष्कर्श पर पहुंच जाएंगे। अभी के कानून में लगाई जा रही जुर्माने की राशि अधिक है, जिससे इसका सीधी बोझ आम नागरिकों पर आ गया है।

नए मोटर वाहन अधिनियम के बारे में कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री, लक्ष्मण संगप्पा सावदी ने बुधवार को कहा कि नए अधिनियम के तहत ठीक दरों को आज शाम तक संशोधित किया जाएगा।

इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राज्य परिवहन विभाग को संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 2019 के तहत जुर्माना लगाने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, "मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अधिकारियों को कर्नाटक में यातायात जुर्माना की राशि को संसोधित करने के लिए गुजरात मॉडल का अध्ययन करने के निर्देश दिए है।"

आपको बता दें कि गुजरात और उत्तराखंड ने पहले ही नए अधिनियम के तहत यातायात उल्लंघन की जुर्माने राशि को कम करने का फैसला लिया है। संसोधित नियमों के अनुसार अनधिकृत व्यक्ति द्वारा ड्राइविंग के लिए जुर्माना या नाबालिग द्वारा ड्राइविंग पर पहले 1000 रुपये जुर्माना था, जिसे केंद्र द्वारा हाल ही में 5000 रुपये तक संशोधित कर किया। अब इसे घटाकर 2,500 रुपये किया जा रहा है।"

वहीं मोबाइल हैंडसेट पर बात करने पर जुर्माना 5000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये किया जा रहा है। साथ ही गलत नंबर प्लेट का उपयोग करने पर जुर्माना भी 10,000 रुपये के बजाय 5000 रुपये होगा। ये सभी संसोधित जुर्माना राशि उत्तराखंड राज्य की है।

उत्तराखंड में बिना लाइसेंस के वाहन चलाने वालों को 5,000 रुपये के स्थान पर 2,500 रुपये का जुर्माना भरना होगा। कौशिक ने कहा कि एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को पास नहीं देने के जुर्माने में भी 10,000 रुपये से 5,000 रुपये का संशोधन किया गया है।


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