राम जन्मभूमि न्यास के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी आत्मानंद का कटा चालान, Corona काल में नहीं पहना मास्क
भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से हर रोज लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने लोगों के लिए कुछ गाइडलाइन बनाई हैं। कई जगहों पर तो आंशिक लॉकडाउन भी लगाया गया है। इन गाइडलाइन्स में सबसे पहला नियम है कि हर व्यक्ति को बाहर निकलने पर मास्क पहना अनिवार्य होगा।

कानून लागू किए जाने के बाद सभी जिले के अधिकारी इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि सभी लोग मास्क पहन कर ही बाहर निकलें और ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर उनका चालान किया जा रहा है, ताकि वो लोग आगे चालान से बचने के लिए मास्क पहनें।

लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनको शायद ही कोरोना संक्रमण का डर नहीं है और वो लोगों की सुरक्षा के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करने से भी साफ इनकार कर रहे हैं। ऐसे ही लोगों में एक प्रमुख धार्मिक नेता का नाम भी शामिल है, जिनका नाम स्वामी आत्मानंद महाराज है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो मध्य प्रदेश के दमोह का है। इस वीडियो में जो संत आपको दिख रहे हैं, उनका नाम स्वामी आत्मानंद सरस्वती है और ये अयोध्या राम जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। बीते बुधवार को अधिकारियों और पुलिस ने सड़क पर इनकी एक्सयूवी500 को रोका था।

ऐसा इसलिए क्योंकि स्वामी आत्मानंद ने मास्क नहीं पहना था। पुलिस ने पहले उसे एक मास्क पहनने का आग्रह किया, उन्होंने आश्चर्यजनक रूप से बहाने बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए कहा है और वह ऐसा ही कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अगर मास्क पहनने से घुटन होने लगी और वो बीमार पड़ गए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? यही वजह है कि उन्होंने मास्क नहीं पहना है। जब पुलिस आत्मानंद को मास्क पहनने के लिए नहीं समझा पाए, तो मौके पर एक पुलिस अधिकारी को बुलाया गया।

लेकिन इसके बाद भी आत्मानंद ने हार नहीं मानी और वरिष्ठ अधिकारी से तर्क जारी रखा। उन्होंने कहा कि वह कार में अकेले बैठे हैं और सह चालक की सीट पर रहते हुए उन्हें मास्क की जरूरत नहीं है। जब पुलिस ने ड्राइवर की ओर इशारा किया तो उन्होंने कहा कि ड्राइवर ने मास्क पहन रखा है।

अंत में अधिकारियों द्वारा विनती करने और समझाने के बाद भी वे नहीं माने तो अधिकारियों ने उनकी कार को सड़क के किनारे खड़ा करने के लिए कहा। इसके बाद अधिकारियों ने धार्मिक नेता के नाम पर चालान जारी कर दिया, हालांकि इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि किसी धारा के तहत चालान जारी किया गया है।
Image Courtesy: Cobrapost


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