Rear Bumper Delete Trend: भारत में शुरू हुआ है कार से रियर बम्पर हटाने का ट्रेंड, जानें
भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कार कस्टमाइजेशन बहुत ही पॉपुलर हो गया है। लेकिन इन दिनों भारत में कार कस्टमाइजेशन का एक नया ट्रेंड चला है। भारत में कई कारों को इस नए ट्रेंड के साथ देखा जा चुका है और इनकी कुछ तस्वीरें भी इंटरनेट पर वायरल हो चुकी हैं।

हालांकि यह नया ट्रेंड काफी अनोखा और विचित्र है, लेकिन इसके बाद भी लोग इसे अपना रहे हैं। इस ट्रेंड का नाम "रियर बम्पर डिलीट" रखा गया है। इस कस्टामाइजेशन के तहत आपकी कार के रियर बम्पर को पूरी तरह से हटा दिया जाता है।

इस ट्रेंड की शुरुआत पहली बार दुनिया भर के कई लेम्बोर्गिनी मालिकों के साथ शुरू हुआ था। इस ट्रेंड का उद्देश्य कार के एग्जॉस्ट सिस्टम को दिखाने का था। 90 के दशक की कुछ होंडा सिविक रेसर्स ने रेसट्रैक पर कम ड्रैगिंग के लिए अपने बंपर को हटा दिया था।

वाहन की ऑफ-रोड क्षमताओं में सुधार करने के लिए 4x4 में अभ्यास आम है। यह कार प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए इन विशिष्ट मामलों में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली कारों में इसे हटा देना एक बेवकूफी भरा फैसला लगता है।

एक रियर बम्पर की कमी का मतलब यह होता है कि कोई भी रियर इम्पैक्ट मैकेनिकल और कार की बॉडी को नुकसान पहुंचा सकता है। बम्पर के न होने से कोई सुरक्षा नहीं रहती है। यह अन्य कारों और बाइकों के लिए भी असुरक्षित रहता है।

कुछ मामलों में पहिया सड़क पर पड़ी गंदगी को उठा लेता है और कार के अंदरूनी हिस्सों तक भेज देता है, जिसके परिणामस्वरूप कार के अंदरूनी हिस्से डैमेज हो जाते हैं। यह ट्रेंड नियमित रूप से बड़े पैमाने पर बाजार में कारों के साथ भारत में इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत में पुलिस द्वारा ऐसी कई कारों को पकड़ा जा चुका है और उनके खिलाफ कार्रावाई भी की जा चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह का प्रयोग सड़क पर चल रहे अन्य वाहन सवारों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है।


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