टाटा नैनो में सफर करते दिखे रतन टाटा, लोगों ने की सरल व्यक्तित्व की जमकर तारीफ
टाटा नैनो (Tata Nano) हमेशा से ही टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) की ड्रीम कार रही है। रतन टाटा का इस कार को लाने का मकसद एक आम भारतीय परिवार को सबसे कम कीमत पर एक कार उपलब्ध कराना था। रतन टाटा कई बार इस कार को लाने के पीछे की प्रेरणा का खुलासा कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि वे बाइक से फैमिली के साथ सफर करने वाले लोगों को एक ऐसी कार का विकल्प देना चाहते थे जो एक बाइक की ही कीमत पर आ जाए और उससे ज्यादा सुरक्षित हो। इसी को प्रेरणा को आधार बनाकर टाटा मोटर्स ने साल 2008 में टाटा नैनो को लॉन्च किया था। हालांकि, लगभग एक दशक के बाद कंपनी को नैनो का उत्पादन बंद करना पड़ा।

हालांकि, बंद होने के बाद भी रतन टाटा का नैनो से लगाव कम नहीं हुआ है। वे आज अपने व्यक्तिगत उपयोग लिए टाटा नैनो का इस्तेमाल कर रहे हैं। रतन टाटा के पास एक इलेक्ट्रिक नैनो भी है जिसमें वे अक्सर अपने पर्सनल असिस्टेंट के साथ सफर करते नजर आ जाते हैं। हाल ही में उन्हें एक सफेद रंग की टाटा नैनो में मुंबई के ताज होटल के बाहर देखा गया है।

आश्चर्य की बात है कि एक समय में इंडस्ट्रियल टाइकून रहे 84 साल के रतन टाटा इस छोटी सी कार में बिना किसी सिक्योरिटी गार्ड के सफर कर रहे थे। उनका इस कार में सफर करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग उनकी नैनो से लगाव और उनकी सरल व्यक्तित्व की खूब तारीफ कर रहे हैं।
टाटा नैनो की बात करें तो, इसे एक 4 सीटर हैचबैक कार के रूप में लॉन्च किया गया था। यह बेहद यूनिक डिजाइन में पेश की गई थी। कंपनी ने इसमें 624cc का नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया था, जिसके साथ बाद में सीएनजी का भी विकल्प दिया गया था। यह इंजन 37 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 51 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। नैनो को मैनुअल गियर के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स में भी उपलब्ध किया गया था। यह छोटी सी कार सिटी ड्राइव के लिए परफेक्ट थी और अपने उद्देश्य को पूरा करती थी।

रतन टाटा के पास एक इलेक्ट्रिक नैनो भी है जो कि कस्टम-मेड है और इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए पावरट्रेन बनाने वाली कंपनी इलेक्ट्रा ईवी (Electra EV) ने तैयार किया है। कंपनी ने इसके 624cc के पेट्रोल इंजन को हटाकर 72 वोल्ट का इलेक्ट्रिक मोटर जोड़ दिया है जिसे सुपर पॉलिमर लिथियम आयन बैटरी से पॉवर मिलती है।

यह इलेक्ट्रिक नैनो फुल चार्ज पर 160 किलोमीटर तक चलती है और केवल 9 सेकंड में ही 0-60 किमी / घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है। अफसोस की बात है कि इलेक्ट्रिक कारों के मामले में अच्छी तरह कामयाब रहने के बाद भी टाटा मोटर्स नैनो इलेक्ट्रिक का कभी भी बड़े पैमाने पर उत्पादन नहीं कर पाई।

टाटा नैनो को साल 2008 में 1 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर बड़ी धूमधाम से लॉन्च किया गया था। नैनो के लॉन्च के बाद से टाटा मोटर्स वैश्विक मंच पर इस तरह की कार पेश करने वाली पहली कंपनी बन गई थी। हालांकि, लॉन्च के तुरंत बाद आग की कई घटनाओं और खराब मार्केटिंग के चलते नैनो को सही ग्राहक आधार नहीं मिला।

भारतीय ऑटो क्षेत्र में बदलते उत्सर्जन मानदंडों और सुरक्षा मानकों के कारण, कई बार नैनो में बदलाव करने के बाद आखिरकार 2018 में कंपनी ने कार का उत्पादन बंद करने का फैसला किया। टाटा मोटर्स अब अपनी नई मॉडलों के साथ घरेलू बाजार में लगातार तरक्की कर रही है। कार निर्माता ने लोगों को अपनी भविष्य की योजनाओं की झलक दिखाते हुए कर्व और अविन्या जैसे कॉन्सेप्ट मॉडलों को पेश किया है।

कंपनी पेट्रोल और डीजल कारों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। मारुति सुजुकी और हुंडई इंडिया के बाद टाटा मोटर्स देश की तीसरी सबसे बड़ी कार निर्माता बन गई है। टाटा मोटर्स वर्तमान में ईवी सेगमेंट में 87 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इलेक्ट्रिक कारों की अग्रणी निर्माता है। कंपनी अब तक 21,500 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन सड़क पर उतार चुकी है।


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