हैप्पी बर्थडे रतन टाटा: इंडिका से लेकर लैंड रोवर तक, उनके नेतृत्व में बनाए गए हैं ये खास कीर्तिमान
रतन नवल टाटा का आज 85वां जन्मदिन हैं। 28 दिसंबर 1937 को जन्मे रतन टाटा को कुछ लोग कहते हैं कि वह भारत के असली 'कोहिनूर' हैं।
टाटा एक उद्योगपति और टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष हैं। वह 1990 से 2012 तक टाटा समूह के अध्यक्ष भी थे, अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत थे। वह इसके धर्मार्थ ट्रस्टों के प्रमुख बने रहे।

पद्म भूषण से सम्मान के बाद उन्हें 2008 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म भूषण मिला, 2000 में तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। रतन टाटा ने उन्हें सौंपी गई विरासत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है।
उन्होंने एअर इंडिया एयरलाइंस जो 1950 के दशक में टाटा के एंपायर से सरकार के पास जा चुकी थी उसे वापस अपने कंपनी में शामिल किया। फोर्ड की लग्जरी कार ब्रांड लैंडरोवर और जगुआर को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। दुनिया के सबसे बड़े चाय मैन्युफैक्चरर टेटली का भी अधिग्रहण किया। यूरोप के स्टील उत्पादक कोरस को भी खरीदा।

टाटा समूह, टाटा मोटर्स सहित यहां हम आपको रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा मोटर्स की कुछ प्रमुख उपलब्धियों पर एक नजर डालते हैं
1998: टाटा इंडिका , इस समूह की पहली पैसेंजर कार थी, जिसे साल 1998 में लॉन्च किया गया था। कार दो साल के भीतर अपने सेगमेंट में नंबर 1 ब्रांड बन गई थी।
2004: टाटा मोटर्स को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया। कंपनी ने उसी वर्ष देवू मोटर्स की भारी वाहन इकाई का भी अधिग्रहण किया।

2008: टाटा मोटर्स ने देश की सबसे सस्ती पैसेंजर कार नैनो पेश की। शुरुआत में इसकी कीमत 1 लाख रुपये रखी गई थी, हालांकि 2018 में इसे बंद करने से पहले इसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये तक बढ़ा दी गई थी।
टाटा मोटर्स ने फोर्ड से जगुआर और लैंड रोवर बिजनेस का अधिग्रहण किया और एक नई कंपनी, जगुआर लैंड रोवर बनाई।


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