भारतीय नौसेना की शान बढ़ाने वाले हैं ये दो विध्वंसक पोत, जानें INS Surat और INS Udaygiri के बारे में
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मुंबई के मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में भारतीय नौसेना के दो स्वदेशी युद्धपोतों का शुभारंभ किया। नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) में डिजाइन किए गए और पूरी तरह से आत्मनिर्भर भारत मिशन के हिस्से के रूप में एमडीएल में निर्मित युद्धपोत, प्रोजेक्ट 15 बी विध्वंसक भारतीय नौसेना जहाज (INS) Surat और प्रोजेक्ट 17 ए फ्रिगेट INS Udaygiri हैं।

नौसेना डिजाइन निदेशालय (DND) द्वारा 15B और P17A दोनों जहाजों को इन-हाउस डिजाइन किया गया है। शिपयार्ड में निर्माण चरण के दौरान, उपकरण और प्रणालियों के लिए लगभग 75% ऑर्डर एमएसएमई सहित स्वदेशी फर्मों को दिए गए हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि इन दोनों युद्धपोतों में क्या खास है।

INS SURAT
15B केटेगरी के जहाज भारतीय नौसेना की अगली-जनरेशन के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक हैं, जिन्हें मझगांव डॉक्स लिमिटेड, मुंबई में बनाया जा रहा है। 'INS SURAT' प्रोजेक्ट 15B डिस्ट्रॉयर्स का चौथा जहाज है, जो P15A (कोलकाता क्लास) डिस्ट्रॉयर्स के मेकओवर की शुरुआत करता है।

इसके साथ ही इसका नाम गुजरात राज्य की कमर्शियल राजधानी के नाम पर रखा गया है और जो मुंबई के बाद पश्चिमी भारत का दूसरा सबसे बड़ा कमर्शियल केंद्र भी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सूरत शहर का एक समृद्ध समुद्री और जहाज निर्माण इतिहास है।

बता दें कि 16वीं और 18वीं शताब्दी में शहर में निर्मित जहाजों को उनकी लंबी उम्र (100 से अधिक वर्षों से अधिक) के लिए जाना जाता था। INS Surat जहाज को ब्लॉक निर्माण पद्धति का उपयोग करके बनाया गया है, जिसमें दो अलग-अलग भौगोलिक स्थानों पर पतवार का निर्माण शामिल है।

इसे एमडीएल, मुंबई में एसेम्बल किया गया है। जानकारी के अनुसार इस कैटेगरी के पहले जहाज को साल 2021 में कमीशन किया गया था। अब इस कैटेगरी के दूसरे और तीसरे जहाजों को लॉन्च किया गया है और वे आउटफिटिंग / परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं।

INS UDAYGIRI
इस जहाज का नाम आंध्र प्रदेश राज्य में एक पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है। INS Udaygiri प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट्स का तीसरा जहाज है। ये जहाज बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर व प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम के साथ P17 फ्रिगेट्स (शिवालिक क्लास) के फॉलो-ऑन हैं।

'INS Udaygiri' पूर्ववर्ती 'Udaygiri', लिएंडर क्लास एएसडब्ल्यू फ्रिगेट का पुनर्जन्म है, जिसका 18 फरवरी, 1976 से 24 अगस्त, 2007 तक तीन दशकों में अपनी सेवा में कई चुनौतीपूर्ण संचालन में इस्तेमाल किया गया। P17A कार्यक्रम के तहत एमडीएल में 04 और जीआरएसई में 03 के साथ कुल सात जहाज निर्माणाधीन हैं।

इस परियोजना में स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण में पहली बार विभिन्न नवीन कॉन्सेप्ट और प्रौद्योगिकियों जैसे इंटीग्रेटेड निर्माण, मेगा ब्लॉक आउटसोर्सिंग, परियोजना डेटा प्रबंधन / परियोजना जीवनचक्र प्रबंधन (पीडीएम / पीएलएम) आदि को अपनाया गया है।


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