आपस में भिड़ गईं इस मुख्यमंत्री के काफिले की चार टोयोटा फॉर्च्यूनर, देखिए वीडियो
राजस्थान की मुख्यमंत्री की टोयोटा फॉर्च्यूनर पर एक के बाद एक पांच-कार ढेर हो गई है। इस लेख के साथ हम आपको वह वीडियो भी दिखाने जा रहे हैं जिसमें यह हादसा हुआ है।
आमतौर पर आपने देखा होगा कि जब जनप्रतिनिधियों के काफिले निकलते हैं तो उनके साथ और भी वाहन होते हैं जो सड़क पर भर्राटा भरते हैं। लेकिन कई बार थोड़ी सी सावधानी हटने पर दुर्घटना की नौबत आ जाती है।
हालांकि हम यहां पर आपको जिस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं उसमें कोई हताहत नहीं हुआ है लेकिन काफिला किसी राज्य के मुख्यमंत्री का हो तो यह खबर बताना जरूरी हो जाता है। दरअसल हम बात राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफिले की कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री वसुवंधरा राजे एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने जा रहीं थी तभी गुहा गोर्जी नामक स्थान पर यह हादसा हुआ जहां काफिले की कई कारें आपस में एक के बाद एक करके भिड़ गईं। हालांकि भिड़ी हुई कारें सीएम की टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी से थोड़ी ही दूर रही। अगर धक्का तगड़ा होता तो कारें मुख्यमंत्री की एसयूवी को भी नुकसान पहुंचा सकती थीं।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री झुनझुनू में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने के लिए जा रही थी और यह हादसा रास्ते में हुआ। हालांकि इस दुर्घटना में किसी को चोट नहीं लगी। इस काफिले में तीन फॉर्च्यूनर एसयूवी, स्विफ्ट और एक डिज़ायर शामिल थी।

जैसा कि हम वीडियो में देख सकते हैं कि मुख्यमंत्री के काफिले में कई वाहन हैं और दुर्घटना का कराण एक टोयोटा फॉर्चूनर द्वारा अचानक ब्रेक लगाया जाना बन रहा है। जहां उसके पीछे के स्विफ्ट और डिज़ायर समय पर कार रोक नहीं सके और एसयूवी को रियर-एंड को क्षतिग्रस्त कर दिया।
सौभाग्य से, इस दुर्घटना में शामिल किसी वाहन को ज्यादा क्षति नहीं पहुंची। यह दुर्घटना प्रतिबिंबित करती है कि हमें किसी अन्य वाहन को टेक्सगेट क्यों नहीं करना चाहिए। यहां तक कि वीआईपी काफिले की गति सीमा भी होनी चाहिए, विशेष रूप से भीड़ भरे सड़कों पर किसी दुर्घटना से बचने के लिए यह ऐसे नियम तो लाने ही चाहिए।

यहां ऐसे घटनाओं से बचने के लिए कुछ युक्तियां दी जा रही हैं जिनका पालन किया जा सकता है। पहली बात तो यह कि जब हाईवे पर वाहन को दौड़ाया जाए तो न केवल उसकी स्पीड लिमिट तय होनी चाहिए बल्कि प्रत्येक कार चालक को हमेशा अपने नियमों का पालन करना चाहिए। दूसरे बात यह कि हमेशा एक कार से दूसरी कार का अंतर बनाए रखना चाहिए।
इसे किसी भी संदर्भ बिंदु से मापा जा सकता है जैसे कि एक इलेक्ट्रिक पोल। दुर्घटना के दौरान यह प्रक्रिया आपकी दुनिया को बना सकता है। उदाहरण के लिए यदि आपके वाहन में आगे वाला ब्रेक होता है और आपका ध्यान हमेशा सड़क की ओर है तो आपको और आपकी कार को रिएक्शन देने और रोकने में केवल दो सेकंड का समय लगेगा।

हाईस्पीड में सुरक्षित रहने के लिए दो से अधिक सेकंड के अंतराल को बनाए रखना हमेशा बेहतर है। जबकि प्रतिकूल परिस्थितियों में जैसे मोटे कोहरे की परत, भारी बारिश या रात में, पांच से अधिक सेकंड के अंतराल को रखना बेहतर होता है।

इसलिए, वाहनों के बीच एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने व अपना ध्यान हमेशा सड़क पर रखने से ऐसी किसी भी घटनाओं से बचा जा सकता है। पिछले दिनों की ही बात है जब नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण एक के बाद एक करके 40 कारें आपस में भिड़ गई थी।
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DriveSpark की राय
हम हमेशा अपनी सड़कों पर जनप्रतिनिधियों के इस तरह के वीआईपी काफिले देखते रहते हैं। यह हमेशा खतरनाक नहीं है। लेकिन जब स्पीड लिमिट ज्यादा हो तो यह बेहद ख़तरनाक हो जाता है।
कई बार वीआईपी काफिले में शामिल वाहनों से दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं। अतः अगर काफिले के वाहनों की कोई स्पीड लिमिटेशन व नियम तय किए जाए तो यह बेहतर कदम हो सकता है।


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