कोरोना वायरस के चलते 31 मार्च तक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हुआ बंद
कोरोना वायरस का डर पूरे देश में बना हुआ है, जिससे बचाव को लेकर सरकार अपने प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में रेल मंत्रालय ने 31 मार्च तक सभी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है।

इंडियन रेलवे में इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि "22 मार्च की रात से 31 मार्च की मध्यरात्रि तक सिर्फ मालगाड़ियां भी चलाई जाएंगी। सभी पैसेंजर ट्रेनों को 31 मार्च की रात्रि तक बंद किया जा रहा है।"

आपको बता दें कि इन ट्रेनों में प्रीमियम ट्रेन सर्विस, मेल/एक्सप्रेस ट्रेन, पैसेंजर ट्रेन, सबर्बन ट्रेन, कोलकाता मेट्रो, कोंकण रेलवे आदि सभी शामिल है।

आपको बता दें कि रेलवे भारत में यातायात का बहुत ही सामान्य साधन है, जिसे हर रोज लगभग 3 करोड़ से भी ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं। इन पैसेंजर ट्रेनों में लोकल और राज्यअंतरीय सभी तरह के लोग सफर करते हैं।

रिपोर्ट्स की माने तो भारत में कुल मिलाकर 12,617 पैसेंजर ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इन ट्रेनों के जरिए ही हर रोज लोग लंंबी और छोटी दूरी का सफर तय करते हैं।

हांलाकि देखा जाए तो कोरोना वायरस के चलते लगभग पूरे देश के स्कूल, कॉलेज, व्यवसायिक संस्थान, सरकारी संस्थान और अन्य जगहों को बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से ज्यादा यात्री नहीं निकल रहे हैं।

लेकिन फिर भी बहुत से लोगों पर ट्रेनों के संचालन बंद होने का असर पड़ा है। लोकल ट्रेनों सहित अन्य पैसेंजर ट्रेनों के बंद होने से लोगों के रोजमर्रा जीवन पर असर तो पढ़ ही रहा है, साथ ही रेलवे पर काफी असर पढ़ रहा है।

ट्रेन सेवाएं बंद करने से जहां लोगों के यातायात पर असर पड़ रहा है, वहीं रेलवे के रेवन्यू पर भी असर पड़ रहा है। हांलाकि इस संचालन बंदी से रेलवे को कितना नुकसान हुआ है, इस बात की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।


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