Railway Coach Modified As Restaurant: रेलवे कोच को मॉडिफाई कर बनाया रेस्टॉरेंट, देखें तस्वीरें
देश में रेलवे कोच को मॉडिफाई करके कई काम में लाया जाता है और इसी कड़ी में सरकार ने मैसूर स्थित रेलवे म्यूजियम में एक रेलवे कोच को छोटे से रेस्टॉरेंट की शक्ल दी है। इस कोच को कस्टमाईज करके रेस्टॉरेंट बनाया गया है जिसे लोगों के लिए खोल दिया गया है।

इस रेलवे कोच को अंदर व बाहर से एक नया लुक दिया गया है। यह छोटा सा कोच रेस्टॉरेंट में एक साथ 20 लोग आ सकते है। सबसे ख़ास बात यह है कि यह रेस्टॉरेंट 'नो प्रॉफिट, नो लोस' मॉडल पर चलाया जाएगा, यानि इससे ना ही कोई लाभ कमाया जाएगा ना कोई घाटा झेला जाएगा।

इसका मतलब यह है कि रेलवे म्यूजियम में आने वाले लोगों को अपनी तरह का एक नया अनुभव देने के लिए इसे लाया गया है। इसे म्यूजियम आने वाले लोगों के लिया खोला जा चुका है। बाहर से इसे सामान्य कोच जैसा रखा गया है तथा रेल कोच कैफे नाम दिया गया है।

वहीं भीतर में डिजाईन को मिनिमल रखा गया है लेकिन ग्राहकों के लिए आकर्षक लाइट, पंखे व एसी लगाये गए हैं, इसके एक किनारे पर डेस्क दिया गया है तथा अंत तक टेबल लगाये गये हैं। इसे छोटे से रेस्टॉरेंट की क्षमता 20 लोग है।

बाहरी हिस्से इसमें घुसने के लिए ट्रेन कोच के दरवाजे पर दिए जाने वाले सीढ़ी को एक्सटेंडे किया गया है, यह अब थोड़ा लंबा हो गया है। इस तरह से यह म्यूजियम में आने वाले लोगों के लिए एक आकर्षक का केंद्र भी बन गयी है।

वर्तमान में देश में कोरोना संकट छाया हुआ है, ऐसे में अस्पताल व क्वारंटाइन सेंटर की कमी की वजह से सरकार ने देश भर में 20,000 कोच को आइसोलेशन कोच में बदलने का निर्णय लिया था। अब कोरोना केस बढ़ने के साथ ही इनका उपयोग किया जा रहा है।

देश के कई शहर में ट्रेन कोच को आइसोलेशन कोच के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए भी कोच को कई तरह से मॉडिफाई किया गया था ताकि मरीजों को सही तरीके से वहां रखा जा सके तथा कोरोना संक्रमण फैलने का डर भी ना बना रहें।

आइसोलेशन कोच में एक तरफ के बेड को निकाल दिए गए थे तथा वाशरूम आदि का निर्माण किया गया था। इस तरह से वह रहने के लिए उपयुक्त हो गयी थी। ऐसे ही रेलवे कोच को कई तरह से देश-दुनिया में मॉडिफाई किया जाता है।


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