Rafale Jets Inducted In IAF: भारतीय वायु सेना में शामिल हुए राफेल लड़ाकू विमान, देखें तस्वीरें
बृहस्पतिवार को फ्रांस के पांच मल्टी-फाइटर लड़ाकू विमान, राफेल को भारतीय वायु सेना के 17वें स्क्वाड्रन में शामिल कर लिया गया है। सभी विमानों को वायु सेना के अंबाला एयरबेस पर तैनात किया गया है। राफेल लड़ाकू विमानों को सेना में शामिल करने के मौके पर एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसे भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। मौके पर फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ले भी शामिल थीं।

बता दें कि फ्रांस से रक्षा सौदे के तहत 36 राफेल विमान लिए जाने हैं, जिसमे 5 की डिलीवरी 29 जुलाई को कर दी गई थी। राफेल वह लड़ाकू विमान है जिसने कई युद्ध स्थलों पर अपनी काबिलियत का परचम लहराया है। दासौ निर्मित राफेल फ्रांस की वायुसेना व नौसेना में पिछले 14 वर्ष से तैनात हैं और अफगानिस्तान, इराक, सीरिया व लीबिया में अपनी क्षमता दिखा चुके हैं।

राफेल जेट की कुछ खासियत की बात करें तो यह बेस से 3,700 किलोमीटर की रेंज तक उड़ान भर सकती है। यानि इसका कॉम्बैट रेडियस 3,700 किलोमीटर का है जो चीन की जे-20 और पाकिस्तान की जेएफ-17 के कहीं अधिक है।

राफेल एक बार में 9,500 किलोग्राम का भार उठाने की क्षमता रखता है। वहीं, यह रफ्तार के मामले में भी किसी अन्य लड़ाकू विमानों से कम नहीं है। इसकी टॉप स्पीड 2,223 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

भारत को दिया जाने वाला राफेल लड़ाकू विमान 4.5 जनरेशन का है जो सबसे नया और फुर्तीला है। इस जेट में कई तरह के आधुनिक मिसाइल और उपकरण लगाए जा सकते हैं। राफेल में हवा से हवा और हवा से जमीं पर मिसाइल दागने की काबिलियत है। यही नहीं इस विमान से परमाणु हमला भी किया जा सकता है।

राफेल में इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग राडार लगा है जो रियल टाइम में टारगेट की पोजीशन का पता कर 3डी इमेज तैयार कर लेता है, इससे सटीक निशाना साधने में मदद मिलती है। यह एक साथ कई टारगेट पर नजर रख सकता है। इसमें 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं।

इतना ही नहीं, यह सिर्फ 1312 फीट की रनवे से उड़न भर सकता है और यह उड़ते-उड़ते अपने फ्यूल टैंक में फ्यूल भर सकता है। इसमें ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम लगा है जिससे इसमें लिक्विड ऑक्सीजन भरने की जरूरत नहीं पड़ती।


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