Rafale Fighter Jets To Be Added To Air Force Fleet Soon: पांच राफेल जेट भारत के लिए फ्रांस से निकली
लंबे समय के इंतजार के बाद जल्द ही भारतीय एयर फोर्स में जल्द ही राफेल शामिल होने वाली है। पांचराफेल जेट फ्रांस के एयरबेस से भारत के लिए निकल गयी है तथा 29 जुलाई को एयर फोर्स में शामिल होने वाली है, यह सीधे अंबाला पहुंचने वाली है।

फ्रांस के मेरिग्नेक एयरबेस में पांचराफेल जेट को फ्रांस में भारत की राजनयिक ने हरी झंडी दिखाई तथा भारत आने वाले क्रू के साथ बातचीत भी किया। इस पांच राफेल जेट में सात भारतीय पायलट शामिल है जिनमें 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है।

इस पर इंडियन एम्बेसी ने ट्वीट कर कहा कि नए राफेल भारत की एयर कॉम्बैट क्षमता की ताकत को बढ़ाने वाला है। वे फ्रांस से भारतीय एयरक्राफ्ट की बढ़ती फ्लीट में शामिल होने के लिए फ्रांस से निकल गये हैं। इन्हें खास ट्रेनिंग किये गये पायलट ला रहे हैं।

बतातें चले कि सभी पायलट को फ्रेंच दसौल्ट एविएशन कंपनी द्वारा एयरक्राफ्ट पर ट्रेनिंग दी गयी है, भारत और फ्रांस के बीच यह सबसे बड़ी सुरक्षा डील 2016 में की गयी थी। यह डील 60,000 करो रुपये की है तथा इसके तहत फ्रांस 36 राफेल जेट भारत को सौंपने वाली है।

यह पांच राफेल जेट भारत के रास्ते सबसे पहले यूएई के फ्रेंच बेस में रुकने वाली है, इसे फ्रेंच एयर फ़ोर्स द्वारा टैंकर एयरक्राफ्ट द्वारा ग्रीस या इजराइल के आसपास समुद्र के ऊपर ही रिफ्युल किया जाएगा। पहले स्टॉप में रुकने के बाद यह 29 जुलाई की सुबह अंबाला के लिए निकलने वाली है।

राफेल जेट की डिलीवरी मई के अंत होने वाली थी लेकिन कोविड-19 की वजह से इसमें दो महीने की देरी हो गयी है। बतातें चले कि इंडियन एयर फोर्स के एयरक्रू व ग्राउंड स्टाफ को एयरक्राफ्ट, उनके आधुनिक हथियार सिस्टम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। डिलीवरी होने के बाद एयरक्राफ्ट का ऑपरेशन शुरू करने पर ध्यान दिया जाएगा और जल्द से जल्द काम शुरू किया जाएगा।

राफेल में बीवीआर एयर टू एयर मिसाइल सिस्टम दिया गया है, इसके साथ ही इसरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, राडार वार्निंग रिसीवर, लो बैंड जैमर, 10 घंटे की फ्लाइट डाटा रिकॉर्डिंग दी गयी है। इंडियन एयर फोर्स ने सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली है, इसमें इसके लिए इन्फ्रास्टक्चर, पायलेट की ट्रेनिंग आदि शामिल है।

राफेल जेट में हैमर मिसाइल लगाई गयी है जो कि 60 - 70 किमी तक की टार्गेट को हिट कर सकता है। इसके इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने के लिए इंडियन एयर फोर्स ने 400 करोड़ रुपये खर्च किये हैं, जिनमें दो बेस के लिए शेल्टर, हैंगर, मेंटेनेंस फैसिलिटी शामिल है।


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