आठवीं के बच्चे ने बनाई स्कूटर जैसे दिखने वाली साइकिल, खर्च आया इतना
देश भर मे कोविड लॉकडाउन ने लोगों की कमर तोड़ रखी है, लेकिन ऐसे समय में ही लोग अपनी प्रतिभा भी दिखा रहे हैं। इस महामारी की वजह से लाखों-करोड़ों लोगों की नौकरियां छीन गयी है ऐसे में वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए नये तरीके इजाद कर रहे हैं।

कुछ समय पहले ही हमने एक लड़के के बारें में बताया था जिसने लॉकडाउन के दौरान अपने पिटा के साथ मिलकर एक इलेक्ट्रिक साइकिल का निर्माण किया था। अब पंजाब के लुधियाना शहर के रहने वाले एक आठवीं के बच्चे ने भी एक स्कूटर जैसी दिखने वाली साइकिल का निर्माण किया है।

इस बच्चे का नाम हरमनजोत है, यह लॉकडाउन के दौरान अपने पिता से नई साइकिल लेने की जिद कर रहा था लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से पिता ने नई साइकिल खरीदने से मना कर दिया। फिर क्या था, हरमनजोत ने अपना जुगाड़ वाला दिमाग दौड़ाया और स्कूटर वाली साइकिल बना डाली।

हरमनजोत का यह दोपहिया सामने से स्कूटर जैसा लगता है, इसके सामने हिस्से में स्कूटर का अगला भाग लगाया गया है। इसका पीछा सामान्य साइकिल जैसे हैं जिसे पैडल मार कर चलाया जा सकता है। पिता-पुत्र दोनों ने मिलकर इसका निर्माण किया है।
एएनआई को हरमनजोत ने बताया कि "मेरे पिताजी एक नई साइकिल खरीद सकते थे ऐसे में कोविड-19 के दौरान इस बाइसाइकिल का निर्माण किया है।" बतातें चले कि इसे बनाने में उन्हें दस हजार रुपये का खर्च आया है तथा 15 दिन का समय लगा है।

इस खबर के सामने आने के बाद से ही लोग इस बच्चे की तारीफ कर रहे हैं तथा उन्हें एक आविष्कारक कह रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे भारत के आत्मनिर्भर होने की ओर एक कदम बता रहे हैं तथा कई लोग ने कहा है कि नई खोज समय की मांग बन गयी है।

सामने आये वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे यह लड़का साइकिल को चला रहा है लेकिन सामने से बिलकुल स्कूटर जैसा लुक दिया गया है। खासकर इस वजह से यह स्कूटर लोगों का ध्यान खींच रहा है तथा आस-पास के लोग इसके बारें में पूछताछ भी कर रहे हैं।

भारत के गांवों से लगातार इस तरह की बाइक, साइकिल निर्माण की खबर सामने आते रहती है। हाल ही में एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपने लिए एक खास स्कूटर का निर्माण किया था, इससे प्रभावित होकर अब कई लोग उनसे स्कूटर का निर्माण करवा रहे है।


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