कार खरीदते समय रहें सावधान, फर्जी दस्तावेजों पर फाइनेंस हो रही है कार
पंजाब के लुधियाना शहर में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर फाइनेंस की गई कारों को बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। लुधियाना पुलिस ने इस गैंग के गुणवंतवीर सिंह (35) को लक्कर बाजार और तरुण कुमार (49) को पघवारा से गिरफ्तार किया है। जबकि इस गैंग के तीन और सरगना की पुलिस खोजबीन कर रही है।

लुधियाना पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि यह लोग बैंक से फर्जी दस्तवेजों के सहारे कारों की फाइनेंसिंग किया करते थे, कार मिलने के बाद लोगों को अपने झांसे में लेकर उन्हें बेच देते थे। इस प्रक्रिया में अपराधी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन नंबर कई अन्य नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया करते थे।

इस गैंग का मास्टरमाइंड मोनू, कारों को बैंक से फाइनेंस करवाता था जबकि इनका साथी अतीक हुसैन फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। पुलिस ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों जैसे ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को इस तरह तैयार किया गया है जिससे इन्हे एक बार में पहचानना काफी मुश्किल है।

गैंग के दो अपराधियों, गुणवंतवीर और तरुण को लुधियाना पुलिस ने फिरोज गांधी बाजार से एक ग्रे रंग की कार में घूमते हुए पकड़ लिया, वहीं गैंग के अन्य लोग फरार होने में कामयाब हो गए।

पूछताछ के बाद पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों से नौ कारें, पांच फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और 20 फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट बरामद किया है। इस गैंग ने जनवरी में ही 9 कारों को बेचा था। पुलिस ने इन कारों के ग्राहकों का पता लगाकर उनसे कार बरामद कर ली है।

पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में बैंक कर्मी की भी मिली भगत है, क्योंकि कारों को फाइनेंस करने का काम बैंक कर्मी ही करता है और बगैर जांच- पड़ताल के बैंक किसी भी कस्टमर के लिए कार फाइनेंस नहीं करती। पकड़े गए अपराधियों पर आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।


Click it and Unblock the Notifications