पंजाब ने ई-वाहन नीति के मसौदे को दी मंजूरी, 50,000 रुपये तक मिलेगी सब्सिडी
पंजाब सरकार जल्द ही अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू कर सकती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के मौसदे को मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लागू होने के बाद पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को सब्सिडी या छूट की पेशकश की जाएगी।
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प्रस्तावित ई-वाहन नीति के तहत नगद प्रोत्साहन के साथ-साथ रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट जैसे कई कदम उठाए गए हैं।

पंजाब ई-वाहन नीति के मसौदे के अनुसार, राज्य में पहले एक लाख इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को ई-वाहन टैक्स में छूट के अलावा 10,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। पंजाब ई-वाहन नीति का मकसद लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। राज्य में चलने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा वाहन अकेले इन शहरों में ही मौजूद हैं।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?
ई-वाहन मसौदा नीति का लक्ष्य इन शहरों में लगभग 25 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाना है। पहले एक लाख ई-वाहन खरीदारों के लिए 10,000 रुपये प्रोत्साहन राशि के अलावा, इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा खरदीने वाले पहले 10,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक की सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, कमर्शियल उपयोग के लिए ई-कार्ट खरदीने वाले पहले 5,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, हल्के कमर्शियल ई-वाहनों के पहले 5,000 खरीदारों को 30,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। आपको बता दें, यह प्रोत्साहन राशि सब्सिडी के रूप में दी जा सकती है जो ग्राहकों के बैंक खतों में सीधे जमा की जाएगी।

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में ई-वाहनों की खरीद-बिक्री को प्रोत्साहित करने का हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य में स्वच्छ ऊर्जा से चलने ई-वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण को नियंत्रित रखना है।

मान ने कहा कि सरकार निजी और सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहनों के बुनियादी ढांचे में सुधार कर रही है। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट भी स्थापित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले कुछ सालों में पंजाब को इलेक्ट्रिक वाहनों, ईवी बैटरी और अन्य ईवी कंपोनेंट के निर्माण का हब बनाना है।

वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार देश में 3 अगस्त, 2022 तक 13,92,265 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत थे। राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में, भारी उद्योग मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों में तीन-पहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है।

इस तारीख तक देश में कुल 7,93,370 इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन पंजीकृत हैं, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या 5,44,643 यूनिट है। वहीं पंजीकृत इलेक्ट्रिक कारों की संख्या 54,252 यूनिट है।

मौजूदा समय में पेट्रोल वाहनों पर 48 प्रतिशत के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी केवल 5 प्रतिशत है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में इस्तेमाल होने वाले लिथियम की अधिक कीमत ने इलेक्ट्रिक वाहनों की लगत को बढ़ा दिया है लेकिन भविष्य में लिथियम के ज्यादा उत्पादन से कीमत में कमी आएगी। इसकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत में भी गिरावट देखने को मिलेगी।


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