अंतिम संस्कार में बाइक रैली निकाला पड़ा भारी, Pune Police ने 40 वाहन किया जब्त
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य में से एक है जिस वजह से राज्य में पिछले महीने से ही लॉकडाउन लागू है। लेकिन हाल ही में एक अपराधी के अंतिम संस्कार में करीब 200 लोगों ने बाइक रैली निकाली, पुलिस ने कड़ी आलोचना के बाद इन्हें गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। इसमें से करीब 80 गिरफ्तार कर लिए गये है और 40 वाहन जब्त किये जा चुके हैं।

इस घटना की खूब आलोचना हो रही थी और उसके बाद पुणे पुलिस हरकत में आई, अब पुलिस ने इन लोगों को पकड़ने के लिए 15 टीम बनाया है। इस घटना के बारें में पुणे जोन 2 के डीसीपी सागर पाटिल ने बताया कि, रविवार तक 80 लोगों को इस जुर्म के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 40 वाहन जब्त किये जा चुके हैं।
अब पुलिस की यह 15 टीम लगातार कई जगह पर रेड मार रही है और इस घटना में भाग लेने वाले लोगों को पकड़ रही है। यह वीडियो 28 वर्षीय माधव वाघटे नामक एक शख्स के अंतिम यात्रा की है, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसकी मौत शनिवार को हुई थी। एक झगड़े के दौरान चाकू गोभकर इसकी हत्या कर दी गयी थी।

हत्या के बाद उसके पार्थिव शरीर को 1 बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और उस दौरान लॉकडाउन के बावजूद शहर में अंतिम सरकार रैली आयोजित की गयी है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस रैली में करीब 125 दोपहिया वाहनों ने भाग लिया। अब पुलिस ने करीब 150 से 200 लोगो पर एफआईआर दर्ज किया है।

बतातें चले कि महाराष्ट्र का पुणे शहर कोविड से बहुत बुरी तरह से प्रभावित है जिस वजह से यहाँ अभी भी लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन की वजह से लोगो को बेवजह घर से निकलने को मना किया गया है, लेकिन इसके बावजूद भारी संख्या में इस रैली में भाग लेकर लॉकडाउन का उल्लंघन किया है।

वहीं पुणे शहर में कोरोना मरीजों की मदद के लिए कई लोग सामने आ रहे हैं। Pune में कई Auto Drivers ने 'जुगाड़ एम्बुलेंस' की शुरुआत की है। पुणे में मरीज Oxygen Cylinder के साथ आने वाले विशेष रूप से रेट्रो-फिटेड ऑटोरिक्शा से एम्बुलेंस का काम ले रहे हैं।

ये Oxygen Cylinder मरीज के लिए लगभग छह से सात घंटे तक चल सकते हैं। मरीजों के लिए एक Corona Helpline Number भी जारी किया गया है, जिसका इस्तेमाल कर मरीज और उनके परिवार वाले ऑटो वालों से संपर्क कर सकते हैं।

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो महाराष्ट्र के पुणे में भी मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि देखा जाए तो संकट के ऐसे मौजूदा समय में, 'जुगाड़ एम्बुलेंस' जैसी पहल जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर को काफी हद तक कम कर सकती है।


Click it and Unblock the Notifications








