घर में खड़ी थी कार और फास्टैग वॉलेट से कट गये 310 रुपये, जानें पूरी घटना
फास्टैग को 15 फरवरी से देश भर में अनिवार्य कर दिया गया है, देश भर के हाईवे पर टोल प्लाजा को इसके अनुरूप तैयार किया जा चुका है। अब तक करोड़ों फास्टैग बेचे जा चुके हैं, परिवहन मंत्रालय के अनुसार अब तक देश के 80 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग लगाये जा चुके हैं।

अब फास्टैग के आने से कई तरह की अनोखी घटना भी सामने आ रही है, हाल ही में पुणे के एक व्यक्ति की कार घर पर खड़ी थी लेकिन उनके फास्टैग वॉलेट से 310 रुपये अपने आप कट गये। उनके वॉलेट से तीन बार में इतने पैसे कटे हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने बैंक में दर्ज करवाई है।

48 वर्षीय विनोद जोशी, पुणे के रहने वाले एक आईटी कर्मचारी है, बुधवार को अचानक से उनके मोबाइल पर तीन एसएमएस आये जिसमें उनके फास्टैग वॉलेट से कुल 310 रुपये कटने की जानकारी थी। लेकिन यहां पर समस्या यह है कि उनकी कार दिन भर घर पर खड़ी थी और उनके पास इसका फूटेज भी है।

ऐसे में जोशी ने डुप्लीकेट या क्लोनड फास्टैग के संदेह में कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने बताया कि "बुधवार को मैंने अपनी कार को सिर्फ अपनी बेटी को सेनापति बापट रोड पर स्कूल छोड़ने के लिए निकाला था। मैं पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के आस-पास भी नहीं था, मेरी कार दिन भर घर पर खड़ी थी इसका मेरे पास सीसीटीवी फूटेज है।"

जोशी ने बताया कि उन्हें पहले वाशी टोल नाका से 40 रुपये कटने का एसएमएस आया, उसके बाद मैं कुछ समझ पाता मुझे सुबह 8.40 को खालापुर टोल प्लाजा में 203 रुपये कटने का दूसरा एसएमएस आया। इसके बाद फिर से तालेगांव टोल प्लाजा से 67 रुपये कटने का 12.40 बजे तीसरा एसएमएस आया।

उन्होंने बताया कि बैंक के कस्टमर केयर से बात करना निष्फल रहा। उन्होंने आगे कहा कि 'अगर मैनें अपने फास्टैग वॉलेट में अधिक पैसे रखे होते तो मैं और भी पैसे गँवा सकता था। मैं अभी इसको लेकर चिंतित हूं, अधिकारियों को इस घटना पर कार्यवाही करनी चाहिए।'

जोशी ने बताया कि उन्होंने बैंक में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है तथा जल्द ही महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) में अपनी शिकायत दर्ज कराने वाले हैं, यह संस्था एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के लिए जिम्मेदार है। इस पर एमएसआरडीसी के चीफ जनरल मैनेजर ने कहा है कि वह इस पर ध्यान देंगे।

उन्होंने आगे कहा कि 'ऐसे समस्या सामने आ रही है जिसमें फास्टैग वॉलेट से पैसे नहीं कट रहे, एक के ब्लैकलिस्ट होने के बाद कुछ वाहनों के दो फास्टैग होना। यह पहली बार है कि हम इस तरह का केस सुन रहे हैं।' अब देखना होगा कि जिम्मेदार संस्था व बैंक इस पर क्या कार्यवाही करते हैं, इस पर आपकी क्या राय है वह हमें जरुर बताइयेगा।
Source: TOI


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