पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर रील का 'क्रेज' पड़ा भारी: जाम लगाने वालों की अब खैर नहीं, पुलिस ने कसा शिकंजा
पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर आज, 31 अगस्त 2026 को एक रील शूट करने के चक्कर में भीषण जाम लग गया। बताया जा रहा है कि बालेवाड़ी और भुजबल चौक के बीच कुछ युवकों ने अपनी नई कार का टौशन दिखाने के लिए गाड़ियों की आवाजाही रोक दी थी। राहगीरों के वीडियो में गाड़ियों की लंबी कतारें और लोगों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। बावधन पुलिस का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए इस गाड़ी और पूरी टीम की पहचान कर रहे हैं।
हाईवे का यह हिस्सा हिंजवड़ी, बानेर, कोथरुड और चांदनी चौक जैसी अहम जगहों को जोड़ता है, इसलिए यहां जरा सी भी रुकावट कई किलोमीटर लंबा जाम लगा देती है। इससे पहले इसी साल मई में पुणे के नवाले ब्रिज के पास एक प्रदर्शन की वजह से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया था। इससे साफ है कि इस हाईवे पर एक भी लेन बंद होने से पूरा कॉरिडोर कैसे चक्काजाम हो जाता है।

पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर हरकत करने वालों की तलाश में जुटी पुलिस
बावधन पुलिस स्टेशन के अधिकारी इलाके के सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा के डेटा और ई-चालान रिकॉर्ड्स को खंगाल रहे हैं। आरोपियों पर खतरनाक ड्राइविंग (धारा 184), खतरनाक तरीके से गाड़ी पार्क करना या छोड़ना (धारा 122 सहपठित 177) और ट्रैफिक में बाधा डालना (धारा 201) जैसी धाराओं में मामला दर्ज हो सकता है। महाराष्ट्र पुलिस के नियमों के मुताबिक, धारा 184 एक गैर-जमानती (non-compoundable) अपराध है, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा कोर्ट तय करती है।
पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माना: MV एक्ट की धाराएं
सड़क पर इस तरह के रील शूट करने वालों पर महाराष्ट्र में आमतौर पर मोटर वाहन कानून (MV Act) की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है। हालांकि, अंतिम जुर्माना और धाराएं सबूतों और कोर्ट की कार्यवाही पर निर्भर करती हैं। आम सड़क पर गाड़ी खड़ी कर ट्रैफिक में अड़चन डालने पर गाड़ी को टो करने या व्हील-क्लैंप लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
| अपराध | धारा | संभावित जुर्माना/सजा |
|---|---|---|
| खतरनाक ड्राइविंग | 184 | Non‑compoundable; ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना और 6 से 12 महीने तक की जेल हो सकती है। |
| खतरनाक स्थिति में गाड़ी खड़ी करना | 122 r/w 177 | पहली बार में ₹500; दोबारा करने पर ₹1,500; धारा 127 के तहत गाड़ी टो भी की जा सकती है। |
| ट्रैफिक के सुगम प्रवाह में बाधा डालना | 201 | रुकावट हटाए जाने तक ₹500 प्रति घंटा तक का जुर्माना। |
जुर्माने और कार्रवाई के ये प्रावधान इंडिया कोड (धारा 184 और 201) और महाराष्ट्र के कंपाउंडिंग नियमों पर आधारित हैं, जबकि धारा 127 के तहत गाड़ी को टो करने या जब्त करने का अधिकार है।
कारों की रील्स शूट करने के लिए सुरक्षित और कानूनी तरीके
कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसी रील्स के लिए किसी प्राइवेट ट्रैक या नियंत्रित जगह को बुक करना चाहिए। वहां मार्शल तैनात किए जाने चाहिए और स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक अथॉरिटी और सड़क के मालिक (जैसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी) से लिखित एनओसी (NOC) लेनी चाहिए। मुंबई की पॉलिसी में कई एजेंसियों से एनओसी और फीस की व्यवस्था है, और पुणे में भी स्थानीय प्रशासन के जरिए इसी तरह एनओसी ली जाती है। इसके अलावा, रात के समय शूट करने से आम लोगों को परेशानी कम होती है और जोखिम भी घटता है।
31 अगस्त 2026 की शाम तक पुलिस उस कार और उसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी थी, हालांकि तब तक एफआईआर नंबर जारी नहीं किया गया था। अगर हाईवे पर स्टंट और ट्रैफिक जाम की पुष्टि होती है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। अगर आप भी कोई रील या शूट प्लान कर रहे हैं, तो सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें, मंजूरी लें और आम रास्तों को ब्लॉक न करें—वरना भारी जुर्माना, गाड़ी जब्त होने और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़ सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications