भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से खुश नहीं हैं 85 प्रतिशत यात्री, कहा- भीड़भाड़, रखरखाव जैसी कई बड़ी समस्याएं
Public Transport: पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करते हुए आपको अक्सर अलग-अलग तरह की अनुभवों का सामना करना पड़ता है। ये अनुभव कई बार अच्छा होता है तो कई बार बुरा होता है।
एक सर्वे के मुताबिक 85 प्रतिशत यात्रियों का मानना है कि भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी समस्याएं हैं और यह अपर्याप्त है।

बता दें कि यह सर्वे देश के 21 से ज्यादा शहरों में किया गया था, जिसमें 50,000 से ज्यादा रोजाना यात्रियों ने हिस्सा लिया। मौजूदा स्थिति में, दैनिक यात्रियों ने देश की पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रणाली की प्रमुख समस्याएं बताई हैं, जिसकी वजह से वे यात्रा के दौरान कई तरह की कठनाई सामने आती है।
रिपोर्टस के मुताबिक एक सार्वजनिक परिवहन एप ने ये सर्वेक्षण किया है। जिसके अनुसार भारत में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने में इन प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

1. अत्यधिक भीड़भाड़ (overcrowding) : रिपोर्ट के मुताबिक 37 प्रतिशत भारतीयों को भीड़भाड़ के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने से बचते हैं।
2. सही टाइम-टेबल का अभाव (Unreliable Timing) : 28 प्रतिशत से ज्याद यात्री सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे के समय के मामले में अविश्वसनीय होने की शिकायत करते हैं। उनका मानना है कि बस और ट्रेनें में काफी देरी होती है।

3 मेंटेनेंस का अभाव: दैनिक यात्रियों के लिए एक और बड़ा मुद्दा सार्वजनिक परिवहन और बुनियादी ढांचे का खराब रखरखाव है। 24 प्रतिशत ने इसे समस्या के एक अहम पहलू के रूप में पहचाना है। उनका मानना है कि साफ-सफाई आदि चीजों पर काम करना चाहिए।
4. डिजिटल सूचना तक पहुंच (Digital Information access) : देश के लगभग 44 प्रतिशत यात्रियों ने दावा किया है कि परिवहन संबंधी जानकारी तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचना मुश्किल है। सरकारी परिवहन विभाग के वेबसाइट्स को इस्तेमाल करना भी बेहद जटिल है।

इनके अलावा पैसेंजर्स ने सार्वजनिक परिवहन की कई अन्य समस्याओं के बारे में भी बताया है। 22 प्रतिशत ने जानकारी की कमी का हवाला दिया, 13 प्रतिशत ने टिकटिंग समस्याओं को एक बड़ी बाधा के रूप में बताया, 33 प्रतिशत डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता के बारे में चिंतित थे।
वहीं 49 प्रतिशत ने कैशलेस भुगतान विकल्पों की उपलब्धता पर चिंता जाहिर की और 28 प्रतिशत ने कहा कि ऑनलाइन तरीकों से भुगतान करने से डिजिटल सुरक्षा एक चिंता का विषय है। कुल मिलाकर भारत सरकार को इन मूलभूत समस्याओं का एक कोई समग्र उपाय तलाशने की आवश्यकता है।


Click it and Unblock the Notifications








