अब पूरे देश में एक PUC सर्टिफिकेट होगा मान्य, जानें कैसे काम करेगा सेंट्रल रजिस्टर
केंद्र सरकार ने देश भर में सभी वाहनों के लिए एक ही पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) के उपयोग को मंजूरी दे दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में, सरकार ने एक ही वाहन के लिए देश में अलग-अलग स्थानों पर नए पीयूसी प्राप्त करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पीयूसी प्रमाणपत्र को अब एक केंद्रीय पीयूसी डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। अब से, पीयूसी फॉर्म पर एक क्यूआर कोड छपा होगा और इसमें वाहन, मालिक और उत्सर्जन की स्थिति का विवरण होगा। नए पीयूसी में वाहन मालिक का मोबाइल नंबर, नाम और पता, इंजन नंबर और चेसिस नंबर भी होगा। इससे निरीक्षणकर्ता को डेटाबेस से किसी विशेष वाहन के बारे में विवरण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
अब पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाते समय वाहन चालक को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। इस नंबर पर सत्यापन और शुल्क के लिए एसएमएस भेजा जाएगा।
पीयूसी सर्टिफिकेट नियमों में नए बदलाव के साथ ही सरकार ने पहली बार रिजेक्शन स्लिप का कॉन्सेप्ट भी पेश किया है। वाहन का उत्सर्जन सामान्य स्तर से अधिक होने पर वाहन मालिक को रिजेक्शन स्लिप सौंपा जाएगा।
इस दस्तावेज का इस्तेमाल सर्विस सेंटर पर वाहन को ठीक कराने के लिए किया जा सकता है। यदि जांच केंद्र पर किसी वजह से प्रदूषण जांच उपकरण काम नहीं करता है, तो ऐसी स्थित में भी रिजेक्शन स्लिप दिया जाएगा।
बता दें कि वाहन का अधिक उत्सर्जन पाए जाने पर वाहन चालक को तय समय सीमा के अंदर वैद्य प्रदूषण प्रमाण पत्र लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर वाहन रजिस्ट्रेशन या परमिट को रद्द किया जा सकता है।


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