मंत्री की गाड़ी ट्रैफिक में फंसी... तो पुलिस वाले ने बोलेरो ड्राइवर को जड़ दिया थप्पड़, देखे वीडियो
देश में वीआईपी कल्चर अभी भी बहुत मजबूत है। अक्सर, हाई-प्रोफाइल राजनेताओं और मशहूर हस्तियों के आने-जाने के लिए पुलिसकर्मियों की फौज तैनात की जाती है जो काफिले में मौजूद गाड़ियों के लिए रास्ता बनाती है। हालांकि, कई बार भीड़-भाड़ वाली सड़कों में रास्ता बनाने के लिए पुलिसकर्मी बल प्रयोग करते हुए भी दिखाई दे जाते हैं। एक ऐसा ही मामला उस समय सामने आया जब महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री जितेंद्र आव्हाड अपनी गाड़ियों के काफिले के साथ कोल्हापुर से भौसिंगजी रोड जा रहे थे।

इस घटना का वीडियो मीडिया कर्मियों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। यह इलाका ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम है। गाड़ियों का काफिला सड़क से जा ही रहा था कि मंत्री की गाड़ी ट्रैफिक में फंस गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री को जाम से निकालने के लिए ट्रैफिक पुलिस मशक्कत कर रही है। इसी बीच एक पुलिस का एक जवान वाहनों को दिशा देते हुए दिखता है और मंत्री के वाहन के लिए जगह बनाने के लिए आगे दौड़ता है।

वह काफिले के लिए रास्ता बनाने के लिए एक महिंद्रा बोलेरो ड्राइवर को भी निर्देश देता है। हालांकि, सड़क पर ज्यादा जगह न होने के कारण बोलेरो चालक जल्दी से बाहर नहीं निकल सका। इससे जितेंद्र आव्हाड का काफिला ट्रैफिक में फंस गया। बोलेरो को जल्दी से रास्ते से हटाने में नाकाम रहने पर उस पुलिसकर्मी ने बोलेरो चालक को थप्पड़ मार दिया।

भले ही भारत सरकार ने आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी वाहनों पर किसी भी प्रकार की स्ट्रोब लाइट और सायरन पर प्रतिबंध लगा दिया हो, फिर भी कई ऐसे लोग हैं जो उनका दुरुपयोग करते हैं। राजनेताओं के काफिले के कारण कई बार आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार राजनेताओं और वीआईपी गाड़ियों को जगह देने के लिए एम्बुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहनों को भी रोक दिया जाता है। ऐसे में मरीजों के एम्बुलेंस में दम तोड़ने के भी कई मामले सामने आये हैं।
हालांकि, अब संशोधित मोटर वाहन एक्ट में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने वाले या रोकने वालों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। लेकिन फिर भी कई बार इमरजेंसी गाड़ियों को जाम में फंसा हुआ देखा जा सकता है।

दिल्ली में आपातकालीन वाहनों साईरन और डैश कैमरा लगाने की सलाह दी गई है ताकि रास्ता रोकने वाले लगों की पहचान कर उनपर कार्रवाई की जा सके। संशोधित मोटर वाहन एक्ट 2019 के अनुसार, एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देने वाले किसी भी वाहन पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

कुछ साल पहले, बेंगलुरु में कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर के लिए पुलिस द्वारा सड़कों पर बैरिकेडिंग करने पर एक एम्बुलेंस ट्रैफिक में फंस गई थी। अप्रैल में, खून से लथपथ बच्चे को ले जा रही एक एम्बुलेंस को वीआईपी आवाजाही के लिए दिल्ली में रोक दिया गया था।


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