PM RAHAT योजना लॉन्च, सड़क हादसों में होगा 1.5 लाख का मुफ्त इलाज, जानें क्या है और किसे मिलेगी सुविधा?
PM RAHAT Scheme Explained: भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से PM RAHAT (सड़क दुर्घटना पीड़ित का अस्पताल में भर्ती होना और सुनिश्चित उपचार) योजना शुरू की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की यह पहल हाल ही में नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ भवन परिसर के उद्घाटन के बाद घोषित की गई। योजना का मुख्य लक्ष्य हादसे के बाद तुरंत चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर जान बचाना है।

PM RAHAT योजना का उद्देश्य
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शोध बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग आधी मौतें तब रोकी जा सकती हैं जब पीड़ित एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंच जाए। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए RAHAT योजना को मौजूदा आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) हेल्पलाइन से जोड़ा गया है, ताकि दुर्घटना के बाद तुरंत मदद मिल सके।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता और इलाज की अवधि?
सड़क हादसे के पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा। इलाज की लागत 7 दिनों तक कवर होगी। गंभीर हालत वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती के बाद 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार मिलेगा। गैर-गंभीर स्थिति वाले मरीजों को 24 घंटे तक फॉलो-अप उपचार दिया जाएगा। कैशलेस इलाज जारी रखने के लिए पुलिस की डिजिटल पुष्टि निर्धारित समय (24 या 48 घंटे) में जरूरी होगी।
हादसे के समय क्या करना होगा?
दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोग, जिन्हें राह-वीर (Good Samaritans) कहा गया है, 112 नंबर डायल कर ERSS से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन ऑपरेटर निकटतम उपयुक्त अस्पताल की जानकारी देंगे और एम्बुलेंस भेजेंगे। पहले रिस्पॉन्डर, अस्पताल और पुलिस के बीच तेज समन्वय इस योजना की सफलता का मुख्य आधार होगा।
डिजिटल सिस्टम कैसे काम करेगा?
RAHAT योजना के लिए एक इंटीग्रेटेड डिजिटल फ्रेमवर्क बनाया गया है, जिसमें नेशनल हेल्थ अथॉरिटी का ट्रांसजैंक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS 2.0) MoRTH का इलेक्ट्रोन डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) प्लेटफॉर्म को जोड़ा गया है।
यह सिस्टम दुर्घटना रिपोर्टिंग, अस्पताल में भर्ती, पुलिस सत्यापन, उपचार, क्लेम प्रोसेसिंग और अंतिम भुगतान जैसी सभी चरणों को डिजिटल रूप से लिंक करेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
अस्पताल का खर्च कौन देगा?
योजना में शामिल अस्पतालों की फीस मोटप व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से दी जाएगी। अगर दुर्घटना में वाहन बीमित (insured) है, तो इलाज खर्च का कुछ हिस्सा संबंधित बीमा कंपनी वहन करेगी। अनइंश्योर्ड वाहन या हिट-एंड-रन मामलों में खर्च सरकार के बजट से दिया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) द्वारा क्लेम मंजूर होने पर 10 दिनों के भीतर अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।
शिकायत होने पर क्या व्यवस्था है?
RAHAT योजना से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए ग्रिवांस रेजरेसल ऑफिसर (GRO) नियुक्त किया जाएगा। इस अधिकारी की नियुक्ति जिला कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट या डिप्टी कमिश्नर में से किसी एक की अध्यक्षता में, जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के प्रतिनिधित्व के साथ होगी।


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