भारतीय वायु सेना देसी विमानों से होगी लैस, पीएम मोदी रखेंगे एयरक्राफ्ट निर्माण प्रोजेक्ट की आधारशिला
देश में घरेलू विमानन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए एक परिवहन विमान निर्माण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत पहला 'मेड इन इंडिया' विमान सितंबर 2026 में वायु सेना को सौंपा जाएगा। वहीं 16 फ्लाई-अवे C-295MW विमानों को सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच डिस्पैच किया जाएगा।

C-295MW आधुनिक तकनीक के साथ आने वाला 5-10 टन क्षमता का एक परिवहन विमान है जो भारतीय वायु सेना के पुराने एवरो विमान की जगह लेगा। इसमें तुरंत प्रतिक्रिया के लिए और सैनिकों और कार्गो के पैरा-ड्रॉपिंग के लिए एक रियर रैंप दरवाजा दिया गया है। यह एयरक्राफ्ट कच्ची सतह से भी उड़ान भर सकता है और इसे टेकऑफ के लिए कम लंबाई की रनवे की जरूरत पड़ती है।

इस विमान के मिलने के बाद भारतीय वायुसेना की रसद क्षमताओं के मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल शामिल होंगे।

सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति ने 24 सितंबर, 2021 को 56 C-295MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दी थी विमान के अधिग्रहण के लिए सुरक्षा मंत्रालय ने एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एसए (स्पेन) के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे।

रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार ने गुरुवार को कहा, अनुबंध के हिस्से के रूप में, 16 विमान उड़ान भरने की स्थिति में वितरित किए जाएंगे और 40 का निर्माण भारत में भारतीय एयरक्राफ्ट कांट्रेक्टर, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) और टाटा के टाटा कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा।

यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में एक सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपये है। विमान का इस्तेमाल नागरिक उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना भारतीय निजी क्षेत्र को प्रौद्योगिकी-गहन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी विमानन उद्योग में प्रवेश करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह घरेलू विमानन निर्माण में वृद्धि करेगा जिसके परिणामस्वरूप आयात पर निर्भरता कम होगी और निर्यात में अपेक्षित वृद्धि होगी।

साथ ही, स्पेन के निर्माण सुविधा में एयरबस द्वारा नियोजित प्रति विमान कुल मानव-घंटे के काम का 96 प्रतिशत भारत में टाटा संघ द्वारा किया जाएगा। इस परियोजना में कुल 13,400 से अधिक एयरक्राफ्ट पार्ट्स, 4,600 सब-असेंबली, और सभी सात प्रमुख कंपोनेंट असेंबली और निर्माण कार्य भारत में ही किया जाएगा।

इंजन, लैंडिंग गियर, एवियोनिक्स, ईडब्ल्यू सूट इत्यादि जैसी विभिन्न प्रणालियां एयरबस डिफेंस एंड स्पेस द्वारा प्रदान की जाएंगी और टाटा कंसोर्टियम द्वारा विमान में एकीकृत की जाएंगी, जो एक एकीकृत प्रणाली के रूप में विमान का परीक्षण भी करेगी। विमान का उड़ान और परीक्षण वायु सेना की देखरेख में टाटा कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा।


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