प्रधान मंत्री मोदी ने भोपाल में पांच वन्दे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, जानें कौन सी रूट पर चलेंगी
प्रधान मंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के भोपाल के रानी कमलापती रेलवे स्टेशन से पांच नए वन्दे भारत ट्रेनों का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधान मंत्री के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। यह वन्दे भारत ट्रेन कई अलग-अलग रूट से मध्य प्रदेश को जोड़ने का काम करेगी।
इसमें भोपाल-इंदौर वन्दे भारत एक्सप्रेस; भोपाल-जबलपुर वन्दे भारत एक्सप्रेस; रांची-पटना वन्दे भारत एक्सप्रेस; धारवाड़-बैंगलोर वन्दे भारत एक्सप्रेस; गोवा (मडगांव)-मुंबई वन्दे भारत एक्सप्रेस शामिल है। यह प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर करेंगी।

भोपाल-जबलपुर वन्दे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के महाकौशल इलाके से मध्य इलाके को जोड़ने का काम करेगी, ऐसे में इस इलाके में पड़ने वाले टूरिस्ट जगहों के लिए यह एक वरदान की तरह साबित होगा। टूरिस्ट आसानी से इस क्षेत्र का सफर कर पायेंगे।
रांची-पटना वन्दे भारत एक्सप्रेस बिहार व झारखंड की पहली वन्दे भारत एक्सप्रेस है जो कि दोनों राज्य की राजधानी को जोड़ने का काम करेगी। दोनों राज्यों को सीधे जोड़ने के लिए इस तरह के एक अच्छे ट्रेन की आवश्यकता थी जो अब पूरी हो गयी है।

वहीं धारवाड़-बैंगलोर वन्दे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक के उत्तरी हिस्से को दक्षिणी हिस्से से जोड़ने का काम करेगी, इसके साथ ही राज्य के कई प्रमुख शहर जैसे धारवाड़, हुबली व दावनगेरे राजधानी बैंगलोर से सीधे तौर पर एक्सप्रेस ट्रेन से जुड़ जायेंगे।
इस क्षेत्र में सफर करने वाले कई स्टूडेंट्स, बिजनेसमैन तथा मुख्य रूप से टूरिस्ट को इसका लाभ मिलेगा। नई धारवाड़-बैंगलोर वन्दे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में इस रूट में चलने वाली सबसे तेज ट्रेन से 30 मिनट तेज होने वाली है। यह समय भी बचाने का काम करेगी।

गोवा (मडगांव)-मुंबई वन्दे भारत एक्सप्रेस, देश की आर्थिक राजधानी से प्रमुख टूरिस्ट स्थान गोवा से जोड़ने का काम करेगी। रेल मार्ग से गोवा पहुंचने के लिए बहुत ही कम ट्रेन उपलब्ध थी और ऐसे में वन्दे भारत एक बहुत ही महत्वपूर्ण ट्रेन हो जाती है।
यह गोवा राज्य की पहली वन्दे भारत एक्स्प्रेस होगी जो कि मुंबई से गोवा तक 586 किमी का सफर तय करने वाली है। यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से दादर, थाणे, पनवेल, खेड, रत्नागिरी, कंकावली तथा थिविम जैसे स्टेशन को जोड़ने का काम करेगी।
वन्दे भारत एक्सप्रेस भारत की पहली इंजन रहित ट्रेन है। इसके पहले तक भारतीय ट्रेनों में इंजन कोच अलग से लगा होता था लेकिन अब इस ट्रेन में इंजन को साथ में ही जोड़ दिया गया है जैसा कि आमतौर पर मेट्रो या बुलेट ट्रेन में देखनें को मिलता है।


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