बेशुमार दौलत के बाद भी पीयूष जैन चलाता था खटारा स्कूटर, छापेमारी में मिले कई पुराने वाहन
इत्र कारोबारी पीयूष जैन की करोड़ों की अवैध दौलत के साथ-साथ उसकी साधारण लाइफस्टाइल की भी चर्चा हो रही है। जीएसटी इंटेलिजेंस के अधिकारियों को पीयूष जैन के घर की छापेमारी के दौरान बेशुमार दौलत के साथ-साथ उसकी पुरानी स्कूटर भी मिली जिसे वह काफी सालों से इस्तेमाल कर रहा था। कन्नौज के मोहल्ला छिपट्टी में रहने वाले पीयूष जैन के घर से वेस्पा, राजदूत और पुरानी सैंट्रो कार भी मिली है। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि बेशुमार दौलत आ जाने के बाद ही पीयूष ने पुराने वाहनों का इस्तेमाल करना जारी रखा।

कारोबार संभालते समय खरीदी थी स्कूटर
आपको बता दें कि पीयूष जैन के पिता महेश चंद्र जैन पहले कपड़े पर छपाई का काम करते थे। जब पिता के कारोबार का भार पीयूष ने संभाला तो उसने एक स्कूटर, राजदूत मोटरसाइकल और एक सैंट्रो कार खरीदी थी। इन सभी वाहनों का वह आज भी इस्तेमाल कर रहा था। कन्नौज में छापेमारी के दौरान पीयूष जैन के घर से मिली वेस्पा स्कूटर की तस्वीर सामने आई हैं।

पीयूष ने क्यों रखी थी स्कूटर
बेशुमार दौलत होने के बावजूद पीयूष जैन एक साधारण जिंदगी जी रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि वह ज्यादातर स्कूटर से ही सफर करता था। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस गली में पीयूष जैन का घर है, वह बेहद संकरी है और वहां बड़ी गाड़ी आसानी से अंदर नहीं जा सकती।

आपको बात दें कि पीयूष जैन के घर ईडी की छापेमारी 24 दिसंबर को शुरू हुई थी जिसके बाद उसके कानपुर वाले घर से 177.45 करोड़ रुपये नकद के अलावा कन्नौज के घर से 17 करोड़ रुपये कैश, 64 किलो विदेशी मार्क का सोना और 600 किलो चंदन का तेल रिकवर किया गया है। कुल रिकवरी 232.45 करोड़ रुपये है।

मुंबई में सेल्स मैन के तौर पर शुरू किया था काम
पीयूष जैन ने अपने करियर की शुरूआत मुंबई की किसी में एक सेल्स मैन के तौर पर की थी। पीयूष ने अपने पिता से इत्र बनाने का हुनर सीखा और कानपूर में अपने कारोबार की शुरूआत कर दी। कारोबार संभालने के बाद पीयूष ने 15 साल के भीतर इत्र के व्यापार को गुजरात और मुंबई तक फैला दिया। उसने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहुंच बना ली थी।

अबतक मिल चुके हैं 232.45 करोड़ रुपये
कन्नौज के अरबपति कारोबारी पीयूष जैन के घर जीएसटी इंटेलिजेंस का छापा लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। दोपहर में इंटेलिजेंस के अधिकारियों की निगरानी में लोहे के 5 बक्सों में भरकर रकम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लोकल करंसी चेस्ट में जमा करा दिए गए। वहीं, डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के अधिकारियों ने 64 किलो सोना अपने कब्जे में लिया है। पीयूष के घर से अब तक कुल रिकवरी 232.45 करोड़ रुपये की हो चुकी है।

आज पूरे दिन चली सीलिंग की प्रक्रिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज पूरे दिन कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर जब्त संपत्ति की सीलिंग चलती रही। घर के कई कमरों की तलाशी लेने के बाद उन्हें सील कर दिया गया है। छापेमारी में जुटाए गए भारी-भरकम रकम को एसबीआई बैंक में जमा करा दिया गया है।


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