पेट्रोल व डीजल वाहन भविष्य में पूरी तरह से नहीं होंगे बैन, पेट्रोलियम मंत्री ने दिया बयान
भारत सरकार ने पेट्रोल व डीजल वाहनों के लिए 1 अप्रैल 2020 से बीएस-6 उत्सर्जन मानक को लागू करने वाली है। इसके साथ ही सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रचलन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है।

हाल ही में नीति आयोग 2025 के बाद भारत में 150cc के नीचे सभी सिर्फ इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन चलाने की योजना सामने लेकर आयी थी तथा दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों से इसके लिए सुझाव मांगे गए थे। सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कड़ा रुख अपना रही है।

इन सब कदमों को देखकर कयास लगाए जा रहे थे कि देश में भविष्य में पेट्रोल व खासकर डीजल वाहनों पर पाबंदी लगाई जा सकती है, लेकिन पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मुद्दे पर बयान दिया है कि देश में पेट्रोल व डीजल वाहनों पर पूरी तरह से बैन नहीं लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में पेट्रोल व डीजल पर रोक नहीं लगायी जायेगी लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। यह तेल आयात में कटौती व पर्यावरण की सुरक्षा दोनों के लिए फायदेमंद है।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि "इलेक्ट्रिक वाहन प्राथमिकताजरूर है लेकिन ईंधन की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए बीएस-6 पेट्रोल व डीजल, सीएनजी व बायोफ्यूल के कॉम्बिनेशन का ही प्रयोग करना होगा।"

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नीति आयोग ने कुछ समय पहले ही सरकार को देश में 2030 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन बेचने की योजना सुझाई थी। इस योजना के अनुसार भारत को ईंधन आयात के लिए अन्य देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी।

हालांकि कई दोपहिया व कार निर्माता कंपनियां सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन योजना का विरोध कर रहे है तथा इसे असंभव बता रहे है। लेकिन इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी पर कई तरह के छूट प्रदान कर रही है।

इलेक्ट्रिक वाहन की खरीदी पर रजिस्ट्रेशन टैक्स मेंछूट दीगई गयी है तथा इसके साथ ही फेम II स्कीम के तहत भी छूट प्रदान की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत को कम करने के लिए इसमें जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किये जाने की बात सामने आयी है।

कई राज्य की सरकार भी इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाली बस चलाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सीएनजी वाली व इलेक्ट्रिक या बैटरी से चलने वाली वाहनों को चलाने के प्रोत्साहित कर रही है।

आगामी 1 अप्रैल 2020 से बीएस-6 उत्सर्जन मानक लागू कर दिए जाएंगे लेकिन मारुति सुजुकी सहित कई कंपनियां अभी से बीएस-6 इंजन वाले वाहन बाजार में उतार चुकी है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का दौर शुरू हो चुका है, हाल ही में हुंडई ने देश की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी कोना को लॉन्च किया है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सीएनजी वाहनों को खूब बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन पेट्रोल व डीजल वाहनों के अस्तित्व को नहीं नकारा जा सकता है। पेट्रोल व डीजल वाले वाहन भारत में भविष्य में बंद करना एक बड़ी गलती हो सकती है।


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