क्या भारत में बंद हो जाएगी पेट्रोल और डीजल कारें? नितिन गडकरी ने किया साफ! जानें सरकार की प्लानिंग
Petrol-Diesel Cars : भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। EVs का चलन जैसे-जैसे बढ़ रहा है, लोगों को डर है, कि भारत में पेट्रोल-डीजल वाहन बंद हो जाएंगे। इस बीच डीजल-पेट्रोल कारों को लेकर नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। गडकरी के इस बयान से पेट्रोल-डीजल कार मालिकों को बड़ा झटका लगा है।
दरअसल नितिन गडकरी ने पिछले दिनों एक भाषण में कहा कि भारत सरकार 2034 तक देश में डीजल और पेट्रोल वाहनों को बंद करने की योजना बना रही है। बता दें कि पहले से ही कई बड़े शहरों में डीजल कारों का इस्तेमाल काफी कम हो गया है।

इस बीच कुछ बड़ी कंपनियों ने भी डीजल कारों का प्रोडक्शन काफी हद तक बंद कर दिया है। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि नितिन गडकरी ने डीजल और पेट्रोल वाहनों को बंद करने की बात कही थी।
नितिन गडकरी ने पर्यावरण के हित की बात करते हुए कई बार इलेक्ट्रिक वाहनों को इस्तेमाल पर जोर दिया है। दरअसल, नितिन गडकरी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में काफी रुचि रखते हैं। उनका मानना है, कि इलेक्ट्रिक वाहनों की रखरखाव लागत भी फ्यूल कारों की तुलना में बहुत कम है।

ऐसे में नितिन गडकरी अगले दस वर्षों में डीजल और पेट्रोल वाहनों को पूरी तरह से बंद करना चाहते हैं। आज के समय में बाइक, कारों के साथ इलेक्ट्रिक बसें भी संचालित की जा रही है।
नितिन गडकरी ने पेट्रोल-डीजल कारों पर प्रतिबंध और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में भारत को कच्चे तेल का आयात भी कम करना होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी।
भारत में लगभग सभी कार निर्माता पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा दूसरे देशों की कंपनियां भी भारत में अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सेल कर रही है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार सब्सिडी भी दे रही है।
यही वजह है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अब भी पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। खासौतर देश के कई हिस्सों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी है।
यही वजह है कि लोग आज भी इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले काफी सोच-विचार करते हैं। लिहाजा इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र और वाहन निर्माताओं को बड़ी संख्या में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जरूरत है।
बता दें कि नितिन गडकरी ने कहा कि, सरकार फास्टैग की जगह टोल टैक्स कलेक्शन के लिए सैटेलाइट सिस्टम लागू करने की योजना भी बना रही है। इससे आने वाले दिनों में हाईवे पर टोल गेट देखने को नहीं मिलेंगे।


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