पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज फिर हुआ इजाफा, जानें आपके शहर में क्या है ताजा रेट
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि जारी है। शुक्रवार को लगातार चौथी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल की कीमत में 35 पैसे की वृद्धि की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के कारण मोटर ईंधन के कीमतों में इजाफा किया जा रहा है।

नवीनतम मूल्य वृद्धि के साथ, दिल्ली और मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत क्रमशः 103.54 रुपये और 109.54 रुपये हो गई है। इन दोनों शहरों में डीजल की कीमतें क्रमश: 92.12 रुपये और 99.92 रुपये हैं। बता दें कि तेल निर्यात करने वाले ओपेक (OPEC) देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि नहीं करने के निर्णय लिया है जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत में 82 डॉलर तक पहुंच गई है।

एक महीने पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर थी। इस बड़े आनुपात में कीमत बढ़ने के कारण घरेलू मोटर ईंधन की कीमतें प्रभावित हुई हैं। भारत की कुल ईंधन मांग का लगभग 85 प्रतिशत विदेशों से आयात किया जाता है। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में कोई भी बदलाव घरेलू ईंधन लागत को प्रभावित करता है।

जानें कुछ प्रमुख शहरों में क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमत
आज दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं।
पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली - 103.54 रुपये
मुंबई- 109.54 रुपये
चेन्नई- 101.01 रुपये
कोलकाता- 104.23 रुपये

डीजल (रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली - 92.12 रुपये
मुंबई- 99.92 रुपये
चेन्नई- 96.60 रुपये
कोलकाता- 95.23 रुपये

इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल में लगने टैक्स की ऊंची दर स्थिति को और खराब कर देती है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की कीमत में वृद्धि करने वाले अन्य घटकों में राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट, डीलर कमीशन, माल ढुलाई शुल्क आदि शामिल है।

पिछले दो वर्षों में, ईंधन पर उत्पाद शुल्क में काफी वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप मोटर ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इस साल की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। इसके चलते पहली बार कई जगहों पर पेट्रोल 100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया। डीजल की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई।

ईंधन की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की जा रही है। हालांकि, कई राज्य सरकारों ने राजस्व में नुकसान के डर से इसका विरोध किया। दूसरी ओर केंद्र सरकार ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने को तैयार नहीं है।


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