देश में फास्टैग आधारित कैशलेस पार्किंग सेवा शुरू करेगा पेटीएम, पहली सेवा यहां हुई शुरू
डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम (Paytm) देशभर में फास्टैग (FasTag) आधारित पार्किंग सेवाओं को शुरू करेगा। पेटीएम की वित्तीय सेवा फर्म 'पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड' ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के साथ साझेदारी में देश का पहला फास्टैग आधारित कैशलेस पार्किंग सुविधा की शुरूआत की है। यह पार्किंग फैसिलिटी कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन में शुरू की गई है।

कैशलेस होगा पार्किंग चार्ज का भुगतान
इस मौके पर कंपनी ने कहा कि हम डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देश में भुगतान के लिए डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। फास्टैग आधारित कैशलेस पार्किंग के शुरू होने से पार्किंग चार्ज भुगतान करने के लिए काउंटर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा जिससे समय की बचत होगी।

मेट्रो पार्किंग सुविधा में फास्टैग स्टीकर वाली कारों से सभी कैशलेस ट्रांजैक्शन पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड द्वारा किये जाएंगे। पार्किंग के लिए आने वाले दोपहिया वाहन परकिंग चार्ज का भुगतान यूपीआई आधारित पेमेंट के माध्यम से कर सकते है।

पेटीएम वर्तमान में संगठित और असंगठित दोनों जगहों पर फास्टैग-आधारित पार्किंग सुविधाएं शुरू करने के लिए राज्यों के कई नगर निगमों के साथ काम कर रहा है। इसके अलावा, देश के शॉपिंग मॉल, अस्पतालों और हवाई अड्डों में डिजिटल भुगतान समाधानों को लागू करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है।

कंपनी के एमडी एवं सीईओ, सतीश गुप्ता ने बताया कि वह देश में पार्किंग सेवा देने वाली कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में देश में बड़े स्तर पर कैशलेस पार्किंग को अपनाया जाएगा।

जून 2021 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड 1 करोड़ से ज्यादा फास्टैग (FasTag) जारी करने वाली पहली कंपनी बनी। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जून के अंत तक देश में 3.47 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किये जा चुके हैं।

डिजिटल माध्यम से टोल कलेक्शन के लिए फास्टैग आधारित टोल टैक्स भुगतान प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। फास्टैग लगी गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुक कर टोल भुगतान करने की जरूरत नहीं होती। फास्टैग का उद्देश्य टोल कलेक्शन प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाना और टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम और ट्रैफिक को कम करना है।

फास्टैग एक स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है। जब गाड़ियां टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है। इससे गाड़ियों को टोल पलजा पर रुक कर भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

फास्टैग को सभी पैसेंजर चारपहिया वाहन, बस, ट्रक, लाॅरी और निर्माण में उपयोग होने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए लागू किया गया है। बता दें कि दोपहिया वाहनों में फास्टैग लगाना जरूरी नहीं है।


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