सभी ऑक्सीजन टैंकरों में लगेंगे जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस, रोकी जाएगी ऑक्सीजन की चोरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक नए आदेशानुसार अब ऑक्सीजन ले जाने वाले टैंकरों में ट्रैकिंग डिवाइस का लगा होना जरूरी है। मंत्रालय ने ऑक्सीजन टैंकरों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश जारी किया है। बता दें कि जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस से ऑक्सीजन टैंकरों की निगरानी की जाएगी ताकि वे समय पर अपने गंतव्य पर पहुंचे।

आपको बता दें कि देश में प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए टैंकरों का सहारा लिया जा रहा है। इसी बीच ऑक्सीजन टैंकरों के गुम होने या लुटे जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। मौजूदा समय में देश में प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

बजाज ने बढ़ाया मदद का हाथ
देश में प्रमुख वाहन कंपनियां मदद से लिए सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि बजाज ग्रुप ने कोरोना मरीजों की सहायता के लिए एक बड़ी राशि देने की घोषणा की है। बजाज ग्रुप कोरोना मरीजों की सहायता के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगा। कंपनी ने पिछले साल भी 100 करोड़ रुपये की राशि देकर सहायता की थी।

महिंद्रा एंड महिंद्रा भी आई आगे
कोरोना की तेजी से बढ़ती दूसरी लहर से लड़ने में महिंद्रा एंड महिंद्रा भी सरकार का साथ दे रही है। कंपनी पूरे महाराष्ट्र में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई कर रही है। कंपनी मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक में युद्ध स्तर पर मरीजों की मदद के लिए काम कर रही है।

एमजी मोटर्स भी आई सामने
एमजी मोटर्स ने भी अपने सभी प्लांट को बंद कर इमरजेंसी लेवल पर ऑक्सीजन की सप्लाई करने का भरोसा दिलाया है। इस दौरान कंपनी अपने प्लांट में इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन का उत्पादन कर अस्पतालों तक पहुंचाएगी। कंपनी प्रति घंटे उत्पादन क्षमता से 15 प्रतिशत अधिक ऑक्सीजन बना रही है जिसे अगले कुछ दिनों में 50 प्रतिशत तक बढ़ा लिया जाएगा।


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