ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जारी हुए 1.98 करोड़ चालान, नियम तोड़ने में दिल्ली वाले सबसे आगे
केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को संसद को सूचित किया कि 2021 में देश में 2021 1.98 करोड़ ट्रैफिक चालान जारी किये गए हैं जिनकी कुल जुर्माना राशि 1,898.73 करोड़ रुपये है। एक लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि पिछले साल देश में सड़क पर हिंसा और गलत ड्राइविंग करने के 2,15,328 मामले दर्ज किये गए।

परिवहन पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए गडकरी ने बताया कि दिल्ली में सबसे ज्यादा चालान जारी किये गए हैं। दिल्ली में साल 2021 में 71,89,824, तमिलनाडु में 36,26,037 और केरल में 17,41,932 चालान जारी किये गए हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ 1 जनवरी से 15 मार्च, 2022 के बीच जारी किये गए चालान की संख्या 40 लाख है और इनसे कुल 417 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।

गडकरी ने कहा कि परिवहन मंत्रालय ने सड़क और वाहन संबंधी शिक्षा, इंजीनियरिंग, कानून और आपातकालीन देखभाल के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को हल करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों में सुधार के लिए देश में 9 अगस्त, 2019 को मोटर वाहन अधिनियम 2019 (संशोधित) को लागू किया गया था।

एक अन्य सवाल के जवाब में नितिन गडकरी ने कहा कि 2020-2021 के दौरान 553 राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनकी कुल लंबाई 10,964 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि 2020-2021 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के चल रहे कार्यों के लिए 1,53,240 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं।

गडकरी ने सदन को सूचित करते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर 60 किलोमीटर के दायरे में एक से ज्यादा बने हुए टोल बूथ को हटाने का निर्णय लिया है। सरकार इन टोल बूथ को तीन महीनों के भीतर हटाने का काम पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों पर अत्यधिक टोल टैक्स का भार कम होगा और हाईवे से यात्रा करना किफायती हो जाएगा। गडकरी ने यह भी कहा कि सरकार यात्रियों से टोल वसूलने वाले अवैध टोल बूथों को भी चिन्हित कर रही है और जल्द ही उन्हें भी पूरी तरह हटा दिया जाएगा।

बता दें कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 किलोमीटर के दायरे में एक से ज्यादा टोल बूथ का होना गैरकानूनी है। परिवहन मंत्रालय को आम लोगों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि देश के कई प्रमुख हाईवे पर 60 किलोमीटर के दायरे में एक से ज्यादा टोल बूथ चलाए जा रहे हैं। इससे न केवल हाईवे से सफर करने में ज्यादा समय लगता है बल्कि हाईवे से सफर करने का खर्च भी बढ़ता है।

गडकरी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टरों को हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन, सड़क किनारे मिलने वाली सुविधा के तौर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ऐसी 39 परियोजनाओं का विकास कर रहा है जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाईवे के किनारे फास्ट चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।


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