ओला ई-स्कूटर के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 1,000 लोगों को लगाया करोड़ों रुपये का चूना
आपने ई-मेल फ्रॉड से लेकर बैंकिंग स्कैम, लाॅटरी फ्रॉड और केवायसी फ्रॉड के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन अपराधी कितने शातिर हो गए हैं इसका एक नया उदाहरण सामने आया है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ओला ई-स्कूटर बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक रैकेट (Ola Scooter Scam) का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट ने देश भर में 1,000 लोगों को ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की डिलीवरी करने के नाम पर ठगा और करोड़ों रुपये का चूना लगाया।
कई राज्यों में चल रहा था रैकेट
ओला स्कूटर के नाम पर लोगों को ठगने वाला यह गिरोह देश के कई बड़े शहरों में ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह से संबंधित 20 अपराधियों को बेंगलुरु, गुरुग्राम और पटना जैसे शहरों से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने एक रिपोर्ट में बताया कि इस गिरोह ने देश भर में करीब 1,000 लोगों से स्कूटर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है।

कैसे हुआ रैकेट का भंडाफोड़?
इस रैकेट में शामिल अपराधियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने 8 अक्टूबर से छानबीन शुरू कर दी थी। पुलिस ने यह जांच एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी जिसे 7 अक्टूबर को आईपीसी की धारा 420 के तहत साइबर पुलिस ने दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता एक फर्जी वेबसाइट तैयार कर लिया था। इस वेबसाइट पर बुकिंग के लिए पूछताछ करने वाले लोगों को यह गिरोह अपना शिकार बनाता था।
वेबसाइट पर अपना नंबर दर्ज कराने वाले लोगों की पूरी जानकारी तेलंगाना और बिहार से ऑपरेट कर रहे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी। जिसके बाद ग्राहकों को फोन कर ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की बुकिंग के लिए 499 रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिये मांगी जाती थी। लोगों को झांसे में लेकर यह गैंग स्कूटर की होम डिलीवरी के लिए ग्राहक से 60,000 से 70,000 रुपये की राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेता था।

इस गिरोह के फर्जी वेबसाइट पर स्कूटर की बुकिंग कराने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह स्कूटर को लोन पर लेना चाहता था लेकिन वेबसाइट पर काफी खोजने के बाद भी उसे फाइनेंस ऑप्शन नहीं दिखा। जिसके बाद उसे शक हुआ कि ये वेबसाइट फर्जी है।


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