ये कंपनी दिल्ली में खोलेगी 200 चार्जिंग स्टेशन, सभी तरह के वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा होगी उपलब्ध
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब कई कंपनियां चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में जुट गई हैं। हाल ही में रीसाइक्लिंग कंपनी नूपुर रीसाइकलर्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दिल्ली के द्वारका में 200 चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि चार्जिंग स्टेशनों का निर्मण शुरू कर दिया गया है और बहुत जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में भी चार्जिंग स्टेशनों को उपलब्ध किया जाएगा।

कंपनी की योजना चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक अन्य मेट्रो शहरों में भी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध करने की है। नूपुर रीसाइकलर्स का कहना है कि वह इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों एक लिए बैटरी स्वैपिंग की सुविधा उपलब्ध करेगी जबकि इलेक्ट्रिक कारों के लिए चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध की जाएगी।

इन चार्जिंग स्टेशनों पर स्टैंडर्ड 2000 AC/DC चार्जिंग की सुविधा दी जाएगी जिसमें 3-सॉकेट, 1-सॉकेट और टाइप-2 सॉकेट उपलब्ध होंगे। कंपनी का कहना है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना आवश्यक है। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने वाली है इसके लिए पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता पर ध्यान देने की जरूरत है।

चार्जिंग की आधारभूत संरचना के विकास के लिए देश की कई ऑटोमोबाइल कंपनियां सामने आ रही हैं। दिग्गज इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता 'हीरो इलेक्ट्रिक' ने भी तीन साल के भीतर देश में एक लाख चार्जिंग स्टेशन लगाने की घोषणा की है। हीरो इलेक्ट्रिक पहले वर्ष में 30 शहरों में 10,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। इसमें हीरो इलेक्ट्रिक डीलरशिप के चार्जर भी शामिल होंगे। हीरो इलेक्ट्रिक के चार्जिंग स्टेशनों का पता मोबाइल ऐप और वेबसाइट से लगाया जा सकेगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों की सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है, इसमें उत्पाद की श्रेणी से लेकर प्रदर्शन के साथ-साथ चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता तक शामिल है। उन्होंने बताया कि इन सभी कारकों का भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक घरों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

भारत की प्रमुख पेट्रोलियम आयातक कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भी चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में अपने सहयोग की घोषणा की है। इंडियन ऑयल देश में अगले 3 साल में 10,000 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन (EV Charging Station) लगाने वाली है। इनमें से 2,000 चार्जिंग स्टेशन अगले 12 महीनों में स्थापित किए जाएंगे जबकि अगले 2 साल में 8,000 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

वहीं देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनियों में से एक भारत पेट्रोलियम ने भी अगले 5 साल में 7,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की है। भारत अपनी ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने पर नए सिरे से और विस्तरित योजनाओं पर काम कर रहा है।

भारत वर्तमान में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दुनिया में कार्बन डाइऑक्साइड का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है, जो दुनिया के कुल CO2 उत्पादन में लगभग 7 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है।

इसी क्रम में चार्जिंग सुविधा प्रदान करने वाली स्टार्टअप कंपनी EVRE ने भी एक पार्टनरशिप के तहत देश भर में दो साल के भीतर 10,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। ये स्टेशन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय टाउनशिप, मॉल, होटल और कॉर्पोरेट टेक पार्क जैसे ज्यादा डिमांड वाले क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे।

इस पार्टनरशिप के तहत चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह हासिल करने से लेकर कमर्शियल और प्राइवेट इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्मार्ट चार्जिंग और पार्किंग हब खोलने में सहयोग जैसी कई चीजें शामिल होंगी।

आप अगर चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं तो इसके लिए फ्रेंचाइजी ले सकते हैं। इसके लिए आपको फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनी के स्टैंडर्ड और नियमों के अनुसार चार्जिंग स्टेशन शुरू करना होगा। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई कंपनियों ने चार्जिंग स्टेशन के लिए फ्रेंचाइजी देना शुरू कर दिया है। अनुमान के मुताबिक, एक चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए 5-7 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है।


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