दिल्ली मे अब रात 10 बजे तक दे सकेंगे ड्राइविंग टेस्ट, लंबी वेटिंग से मिलेगा निजात
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में सरकार लगातार सुधार कर रही है। अब लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिल्ली सरकार ने अहम फैसला लिया है। दिल्ली में लगातार बढ़ रही ड्राइविंग टेस्ट की डिमांड को देखते हुए दिल्ली ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन (DTC) ने अब रात 10 बजे तक ड्राइविंग टेस्ट लेने का फैसला लिया है।

ट्रैक पर की जाएगी पर्याप्त रौशनी की सुविधा
आने वाले दिनों में सभी ऑटोमेटेड ट्रैक पर रात में भी टेस्ट होंगे। इसके लिए सभी जोनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के ट्रैक पर हाई कैपेसिटी वाली लाइट्स लगाई जाएंगी। ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लाइटिंग इस तरह से होगी कि ट्रैक पर दिन की तरह रौशनी होगी। इन ट्रैक्स पर दिवाली से पहले लाइटिंग का काम शुरू किया जाएगा। फिलहाल ड्राइविंग टेस्ट के लिए आवेदकों की लंबी वेटिंग है।

आगे भी बढ़ाया जा सकता है टेस्ट
फिलहाल, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली में कुछ महीनों के लिए रात में भी ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। इससे ड्राइविंग टेस्ट के लिए वेटिंग टाइम कम होगा, लेकिन अगर डिमांड ज्यादा रही तो रात में ड्राइविंग टेस्ट को कुछ महीने के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

रविवार को भी लिया जा रहा है ड्राइविंग टेस्ट
दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार, ड्राइविंग टेस्ट की वेटिंग कम करने के लिए कई इनोवेशन किए जा रहे हैं। लोगों को टेस्ट देने के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए रविवार को भी ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, रविवार को ड्राइविंग टेस्ट लेने से लंबी वेटिंग लिस्ट कम हुई है।

अब ड्राइविंग के दौरान नई रखना पड़ेगा RC और Licence की हार्ड कॉपी
दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में डिजिटल वाहन दस्तावेजों को रखने की अनुमति दे दी है। यानी अब वाहन से संबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी रखना जरूरी नहीं होगा। हार्ड कॉपी के बदले अब आप दस्तावेजों को पेश करने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित ऐप्स का उपयोग कर सकते हैं।

इसका मतलब यह है कि अगर आप डिजिलॉकर या एम-परिवहन जैसे ऐप्स में स्टोर किये गए दस्तावेज दिखाते हैं तो पुलिस आपको अपने ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन आरसी की ओरिजिनल कॉपी प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है।

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने एक नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म या एम-परिवहन मोबाइल ऐप पर डिजिटल रूप में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत वैध दस्तावेज हैं। ये हैं परिवहन विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र के समान कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है।

अब 15 दिनों के भीतर जारी होगा चालान
सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने चालान और जुर्माने से संबंधित मामलों पर तुरंत कार्रवाई के लिए नए नियमों को लागू किया है। नए नियमों के अनुसार, अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस 15 दिन के अंदर ई-चालान (इलेक्ट्रॉनिक चालान) जारी करेगी। एक सूचना में मंत्रालय ने बताया है कि यातायात की निगरानी के लिए स्पीड कैमरा, क्लोज-सर्किट टेलीविजन कैमरा, स्पीड गन, बॉडी वियरेबल कैमरा, डैशबोर्ड कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर), वेट-इन मशीन (डब्ल्यूआईएम) जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।


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