सावधानी से गाड़ी चलाते समय अगर टक्कर हो जाए तो किसकी होगी गलती? जानें सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला
अगर आप सड़क पर सावधानी बरतते हुए गाड़ी चला रहे हैं और फिर भी अगर किसी दूसरे के वजह से आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाए, तो ऐसे में आपकी गलती नहीं मानी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों सड़क सुरक्षा और हादसों के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बताया कि अगर कोई शख्स सावधानी से गाड़ी चलाता है और टक्कर से बचने में विफल रहता है तो वह लापरवाही नहीं मानी जा सकती है। बशर्ते आपको यह साबित करना होगा कि आपने कोई लापरवाही नहीं की है। कोर्ट ने कहा कि सड़क पर हादसों के कई कारण होते हैं। अगर कोई व्यक्ति अचानक से चलती गाड़ी के बीच में आ जाता है तो इससे टक्कर हो सकती है। ऐसे में ड्राइवर की गलती नहीं मानी जा सकती।

उच्च न्यायालय ने कहा कि सड़क पर सावधानी से चलना सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन अगर किसी एक व्यक्ति की लापरवाही से दुर्घटना हो तो उसकी चपेट में आने वाले दूसरे लोगों को इसका जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। किसी भी न्यायालय द्वारा ऐसा फैसला न्यायसंगत नहीं है।

क्या है मामला
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी एक महिला और उसके दो बच्चों की याचिका पर की। साल 2011 में कर्नाटक में ट्रक और कार की टक्कर में कार चालक की मौत हो गई थी। यह मामला जब कर्नाटक कोर्ट पहुंचा तो हाई कोर्ट ने ट्रक और कार चालक दोनों को बराबर का दोषी करार दिया।

हाल में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया और कहा कि असाधारण सावधानी बरतकर टक्कर से बचने नें नाकाम रहना लापरवाही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने जो फैसला दिया वह साक्ष्य पर आधारित नहीं है। हाई कोर्ट ने सिर्फ एक अनुमान पर फैसला सुना दिया, जो न्यायसंगत नहीं है।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि कार चालक यदि सावधानी से कार चला रहा होता तो दुर्घटना नहीं होती। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है जो यह दावा करे कि ड्राइवर ज्यादा स्पीड पर कार चला रहा हो या उसने ट्रैफिक नियम का उल्लंघन किया हो। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मृत कार चालक की पत्नी का पक्ष सुरक्षित रखते हुए पीड़ित परिवार को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 5 लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया। बता दें कि यह मामला साल 2011 का है जब एक ट्रक के साथ टक्कर में कार चालक की मौके पर मौत हो गई थी। कार चालक की पत्नी का आरोप था कि ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया था जिससे कार ट्रक से टकरा गई थी।


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