क्या कारों में मिलेंगे 6 एयरबैग? नितिन गडकरी ने कही ये जरूरी बात
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज एक अहम फैसला लेते हुए वाहन कंपनियों से अपनी गाड़ियों के सभी वेरिएंट और सेगमेंट में कम से कम 6 एयरबैग (Airbags) लगाने की अपील की है। गडकरी का कहना है कि इससे सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।

कार में लगाने होंगे 6 एयरबैग्स?
गडकरी ने आज नई दिल्ली में SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के सीईओ के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान नितिन गडकरी ने ऑटो मैन्युफैक्चरर्स से सड़क हादसों में सुरक्षा को ध्यान रखते गाड़ियों में 6 एयरबैग्स लगाने का सुझाव दिया। नितिन गडकरी ने ऑटो इंडस्ट्री के सेल्स एंड परफॉर्मेंस का भी जायजा लिया।

डुअल एयरबैग हुआ अनिवार्य
देश में 1 अप्रैल 2021 से कार कंपनियों को सभी नई कारों में डुअल एयरबैग देना अनिवार्य कर दिया गया है जबकि पुरानी कारों में डुअल एयरबैग लगवाने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया है। बता दें कि फ्रंट सीट पैसेंजर एयरबैग की अनिवार्यता सुप्रीम कोर्ट की समिति के सुझावों पर आधारित है। इसे भारतीय सड़कों पर वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विशेषता के रूप में जारी किया गया था।

बता दें कि सड़क दुर्घटना के समय यात्रियों की सुरक्षा में एयरबैग अहम भूमिका निभाते हैं। कार के किसी दूसरे वाहन से टकराते ही एयरबैग खुल जाता है जिससे चालक चालक गंभीर चोट से बच जाता है। सरकार के आदेश के बाद कंपनियों ने सीटबेल्ट रिमाइंडर, स्पीड अलर्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर जैसे कई सुरक्षा फीचर्स को अनिवार्य किया गया है।

एक साल के भीतर लाएं फ्लेक्स फ्यूल इंजन
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने ऑटो इंडस्ट्री से एक साल के अंदर भारतीय बाजार में 100% इथेनॉल और गैसोलीन पर चलने में सक्षम फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-fuel) वाहनों (एफएफवी) लाने को कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक SIAM का एक प्रतिनिधिमंडल बीएस6 उत्सर्जन मानकों को एक साल की देरी से लागू करने की मांग को लेकर नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। हालांकि, इस मीटिंग में बीएस6 नियमों को टालने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

जल्द आएगी नई गाइड लाईन
फ्लेक्स फ्यूल इंजन को लेकर केंद्र सरकार जल्द ही नई गाइड लाइन की घोषणा कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार अक्टूबर तक कमर्शियल और प्राइवेट वाहनों में जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने और इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाने लिए नए नियमों को ला सकती है।

मौजूदा समय में पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल को मिलाने की अनुमति दी गई है जिसे 2023 तक 20% करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल, इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल केवल 15 राज्यों में उपलब्ध हैं जबकि अन्य राज्यों में जैव-ईंधन का इस्तेमाल केवल 5 प्रतिशत से भी कम किया जाता है।

सड़क दुर्घटनाओं में सालाना 1.5 लाख मौतें
परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण प्रतिदिन 400 से अधिक लोगों की मृत्यु होती है। भारत में सालाना पांच लाख सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.5 लाख मौतें दर्ज की जाती हैं। नितिन गडकरी ने इस रिकॉर्ड को पिछले सात वर्षों में अपने मंत्रालय की सबसे बड़ी विफलता बताया था।

इसके देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि अगले तीन वर्षों में भारत में सड़क हादसों के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सड़कों की गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षा उपायों में सुधार करके 2024 से पहले सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने का लक्ष्य रखा है।


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