एनएचएआई सबसे तेज रफ्तार से बनाएगी 75 km की सड़क, गिनीज बुक में दर्ज होगा रिकाॅर्ड
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। एनएचएआई महाराष्ट्र में अमरावती और अकोला के बीच एक हाईवे स्ट्रेच निर्माण का निर्माण कर रही है जिसे लिए उसका नाम एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है। आपको बता दें कि एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट का काम राजपूत इंफ्राकाॅन नाम के एक प्राइवेट काॅन्ट्रैक्टर को सौंपा है जो 108 घंटे में यानी पांच दिन के भीतर 75 किलोमीटर की सड़क बनाने का रिकॉर्ड बनाएगी।

75 किलोमीटर का यह स्ट्रेच देश की आजादी के 75 साल पूरा होने के जश्न में मनाया जा रहा है। बता दें कि कंपनी ने 3 जून को सुबह 6 बजे से सड़क बनान शुरू कर दिया है और अगले सप्ताह 7 जून को इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अगर कंपनी इस हाईवे स्ट्रेच का निर्माण तय समय पर कर लेती है तो यह सबसे तेज रफ्तार में बनाया गया कंक्रीट का 75 किलोमीटर का हाईवे स्ट्रेच होगा।

कंपनी ने लगभग 700 से ज्यादा मजदूरों और कंस्ट्रक्शन इंजीनियरों को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगाया है। आपको बता दें कि राजपूत इंफ्रा इससे पहले भी एक रिकॉर्ड बना चुकी है। कंपनी ने पहले 24 घंटों में सांगली और सतारा के बीच हाईवे स्ट्रेच का निर्माण 24 घंटे में पूरा किया था।

महाराष्ट्र के अमरावती और अकोला के बीच हाईवे की सड़क 10 साल में जर्जर स्थिति में है। एनएचएआई ने इस स्ट्रेच की मरम्मती के लिए दो बार प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी थी, लेकिन प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं हो सकी। हाईवे की मरम्मती की धीमी रफ्तार पर केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी नाराजगी जाता चुके हैं। जिसके बाद यह प्रोजेक्ट राजपूत इंफ्राकाॅन को सौंपा गया।

बता दें कि पिछले साल एनएचएआई ने महाराष्ट्र के विजयपुर और सोलापुर के बीच एनएच-52 पर 25.54 किलोमीटर की सिंगल लेन सड़क को केवल 18 घंटों में बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया था। नितिन गडकरी ने एनएचएआई को सोशल मीडिया पर सड़क की तस्वीर साझा कर बधाई भी दी थी। गडकरी ने एनएचएआई की इस उपब्धि को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में भी दर्ज करवाने की बात भी कही थी।

नितिन गडकरी अपने एक बयान में बताया था कि देश में प्रति दिन 30 किलोमीटर हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। गडकरी ने बताया था कि भारतमाला परियोजना के तहत देश के राज्यों को हाईवे के द्वारा जोड़ा जा रहा है और इस परियोजना में काफी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया था कि अगर देश में इसी गति से सड़कों का निर्माण जारी रहा तो बहुत जल्द ही हम यूरोप और अमेरिका की बराबरी कर लेंगे। सरकार भारतमाला परियोजना के तहत 5.35 लाख करोड़ रुपये की लागत से देश में 34,800 किमी सड़कें बना रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क की गुणवत्ता में सुधार लाने और खराब सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई है। केंद्र सरकार खराब सड़क निर्माण से संबंधित एक कानून लाने वाली है जिसके तहत ठेकेदारों का लाइसेंस रद्द कर उनपर जुर्माना लगाया जाएगा।

अगर खराब सड़क के कारण किसी भी तरह की दुर्घटना होती है तो इसके लिए सरकार सड़क बनाने वाले कंट्रैक्टर पर 5-10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के साथ उसपर 3 साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
नोट: तस्वीरें सांकेतिक हैं।


Click it and Unblock the Notifications








