अब इलेक्ट्रिक कार से तय कर सकेंगे लंबी दूरी का सफर, हाईवे पर मिलेगी चार्जिंग की सुविधा
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) नेशनल हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण करवाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 3,000 हेक्टेयर से अधिक के संयुक्त क्षेत्र के साथ 22 राज्यों में 650 से अधिक संपत्तियों की पहचान की है। एनएचएआई अगले पांच वर्षों में निजी कंपनियों के साथ मिलकर विकास कार्यक्रम शुरू करेगी।

एनएचएआई पहले ही चिन्हित 650 साइटों में से 138 साइटों के लिए निविदा आमंत्रित कर चुकी है। इस परियोजना के विकास के लिए एनएचएआई ने कुछ निजी कंपनियों और संस्थाओं को चिन्हित भी किया है।

मौजूदा समय में चार्जिंग स्टेशनों की कमी के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों से लंबी दूरी की यात्रा करना संभव नहीं है। इलेक्ट्रिक मालिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजमार्गों के किनारे बहुत कम ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को काफी मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से देश में इलेक्ट्रिक वाहन संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि भारत जल्द ही दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र होगा।

सरकार ने इस दशक के अंत तक सभी वाणिज्यिक कारों का 70 प्रतिशत, निजी कारों का 30 प्रतिशत, बसों का 40 प्रतिशत और दोपहिया और तिपहिया वाहनों के 80 प्रतिशत को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य बनाया है।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, अगले नौ वर्षों में लगभग 30 लाख सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों (EV Charging Stations) के नेटवर्क की आवश्यकता होगी। हाईवे नेटवर्क के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाएं मुहैया कराने पर सरकार जोर दे रही है।

ईवी चार्जिंग स्टेशनों के अलावा, NHAI बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर रेस्तरां, फूड कोर्ट, रिटेल आउटलेट जैसे वाणिज्यिक सुविधाओं को शुरू करने की भी योजना बना रही है।


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