राष्ट्रीय राजमार्गों की क्वालिटी जांचने के लिए होगा नेटवर्क सर्वेक्षण वाहनों का इस्तेमाल, जानें
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़कों की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (एनएसवी) की तैनाती अनिवार्य करेगी। यह नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन राजमार्गों की इमेज को सही तरह से कैप्चर करने के लिए हाई रिजोल्यूशन कैमरों का उपयोग करता है और इसमें कई अन्य विशेषताएं हैं।

एनएचआई के अनुसार यात्रियों को बेहतर सड़क उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (NSV) को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। एनएचएआई ने एक बयान में कहा, 'राष्ट्रीय राजमार्गों पर एनएसवी का उपयोग करके सड़क की स्थिति का सर्वेक्षण अनिवार्य किया जाएगा है। यह सर्वेक्षण हर छह महीने में किया जाएगा।"

नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन की तैनाती राजमार्गों की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेगी। यह वाहन नवीनतम सर्वेक्षण तकनीकों का उपयोग करता है जिसमें इमेजरी के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल कैमरा और लेजर रोड प्रोफाइलोमीटर जैसे उपकरण शामिल हैं। नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन तस्वीरों के जरिये सड़क की स्थिति और गुणवत्ता का आकलन करेगा।

इन वाहनों के द्वारा जुटाए गए डेटा का विश्लेषण कर सड़कों को बेहतर बनाने में मदद ली जाएगी। यह वाहन सड़क की सतह पर पड़े दरारों और गड्ढों की जानकारी जुटाएगा। इसके अलावा सड़क पर पानी जमने के कारणों का भी पता लगाएगा।

बयान में कहा गया है कि इससे डेटा एसेट इन्वेंट्री और रोड एसेट्स की स्थिति को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस वाहन से सड़क नेटवर्क योजना और सड़क सुरक्षा उपायों के विकास जैसे अन्य पहलुओं पर भी जानकारी जुटाई जाएगी। यह हाईवे से रख रखाव रणनीतियों को विकसित करने और उनका विश्लेषण करने में भी सहायता करेगा।

एनएचएआई ने कहा कि एनएसवी सर्वेक्षणों के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों से सड़क की स्थिति में कमियों को उजागर किया जाएगा, बीओटी (बिल्ड, ऑपरेट, ट्रांसफर) ऑपरेटरों / एनएचएआई के अधिकारियों को सड़क की स्थिति को वांछित स्तर पर लाने में सहायता करेगा।

एनएचएआई ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान औसतन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण प्रतिदिन किया है। वहीं, 2014-15 के दौरान देश में हाईवे निर्माण प्रतिदिन 12 किलोमीटर की गति से किया जा रहा था।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वित्त वर्ष 2020-21 में 12,205 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर नई उपलब्धि हासिल की है। बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष में 11,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण प्रस्तावित किया गया था, जबकि इस गति से एनएचएआई 1,205 किलोमीटर ज्यादा सड़कें बना ली हैं।


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