दिल्ली में प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर लगा प्रतिबंध, NGT ने ध्वनि प्रदूषण के मद्देनज़र उठाया कदम
नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल यानी एनजीटी ने दिल्ली में प्रदूषण के मद्देनज़र एक अहम कदम उठाया है। शहर में शोर के स्तर को नीचे लाने के लिए एनजीटी ने प्रेशराइज़्ड हॉर्न्स के इस्तेमाल पर राजधानी में प्रतिबंध लगा दिया है।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में पीठ ने यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जिन वाहन मालिकों ने प्रेशर हॉर्न लगवा रखे हैं या जिन टू व्हीलर्स के सायलेंसर निकलवाए गए हैं, उन्हें दिल्ली में ड्राइव करने की छूट नहीं मिलेगी।
उनका मानना है कि प्रेशर हॉर्न का उपयोग बंद होना चाहिए क्योंकि इनसे ध्वनि प्रदूषण होता है और यह एक बड़ा घातक इश्यू है। इन हॉर्न्स का शहर में बेज़ा इस्तेमाल करने वालों में ट्रक ड्राइवर भी शामिल हैं।
ट्राइ ब्यूनल ने इस संबंध में एक कमेटी भी गठित की है जिसमें दिल्ली सरकार, दिल्ली प्रदूषण कंंट्रोल कमेटी और दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी के नुमाइंदे शामिल हैं।
एनजीटी ने अशोक लेेलैंड और टाटा मोटर्स से कुछ दिनोंं पहले पूछा था कि उनके वाहन सड़क पर ध्वनि प्रदूषण क्यों करते हैं। ये दोनों कंपनियां दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को बसें सप्लााई करती हैं और इनसे डिज़ायन के साथ ही अन्य डिटेल जमा कराने का आदेश दिया गया था।
सोर्स - पीटीआई


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