दिल्ली के रिहायशी इलाके में चल रहा था ऑटो वर्कशॉप, जानकारी पर मचा हड़कम्प
ईस्ट दिल्ली के अधिकारियों के हाथ-पॉव उस वक्त फुल गए जब झिलमिल कालोनी में ऑटो वर्कशॉप चलने की जानकारी मिली। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
आपको खबर के बारे में बताने से पहले यह बता देते हैं रिहायशी इलाके में ऑटो वर्कशॉप का चलना इसलिए चलाने से मना किया गया है क्योंकि ऑटो रिपेयरिंग से निकलने वाले नोइज, गंदगी और डस्ट किसी भी व्यक्ति को हद दर्जे तक नुकसान पहुंचा सकती है।

लेकिन ईस्ट दिल्ली के झिलमिल कालोनी में एक ऑटो वर्कशॉप में रोजाना 300 के करीब गाड़ियों की आवाजाही होती है। इस ऑटो वर्कशॉप ने एनजीटी को हैरान कर दिया और उसने तुरंत इस मामले में एक लोकल कमिश्नर नियुक्त कर विवादित वर्कशॉप के बारे में सारी जानकारी देने को कहा।

कोर्ट ने स्थानीय इलाके में प्रदूषण की स्थिति और पर्यावरण संबंधी नियमों की सारी जानकारी मांगी है। जस्टिस जवाद रहीम की अगुवाई वाली बेंच ने एडवोकेट मीरा गोपाल को लोकल कमिश्नर नियुक्त करते हुए उन्हें ईस्ट एमसीडी के प्रतिनिधियों के साथ विवादित इलाके की तुंरत जांच करने का आदेश दिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। इससे एक दिन पहले ही अदालत ने ईस्ट एमसीडी से विवादित वर्कशॉप के संबंध में 11 सवालों के जवाब मांगे थे। निगम की ओर से एडवोकेट बालेंदु शेखर ने जवाब दायर करते हुए बेंच को बताया कि झिलमिल कॉलोनी में यह वर्कशॉप करीब 8741 वर्ग मीटर जमीन के टुकड़े पर बनी है।

उन्होंने बताया कि दिन में तीन शिफ्ट में यहां गाड़ियां आती-जाती हैं। प्रत्येक शिफ्ट में 110 गाड़ियां रिपेयरिंग के लिए आती हैं, जिनमें लोडर समेत भारी वाहन, हल्के वाहन और स्टाफ की कारें शामिल हैं। करीब 100 गाड़ियां खड़ी रहती हैं, जिनमें कुछ जर्जर गाड़ियां भी हैं।

जबकि इस मामले में निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह वर्कशॉप 1987 से यहां चल रही है। यहां से सभी विभागों की गाड़ियों में डीजल भरवाने के लिए दो आईओसीएल यूनिट भी लगी हैं।
8.5 फुट की उंचाई वाली बाउंड्री वॉल से घिरी इस वर्कशॉप में गाड़ियों की धुलाई की बात मानते हुए निगम ने कहा कि यहां एक बोरवेल लगा है, जिससे हर रोज 1500 लीटर पानी निकाला जा रहा है।

खबर के मुताबिक की शिकायत एडवोकेट कीथ वर्गीज ने किया है। रिपोर्ट बताती है कि एनजीटी के निर्देश के बावजूद हालांकि दिल्ली सरकार और ट्रैफिक ईस्ट के डीसीपी की ओर से कोई जवाब दायर नहीं किया गया।

बेंच ने उनसे विवादित इलाके, स्कूल और रिहायशी कॉलोनियों के आसपास ट्रैफिक रेग्युलेशन और अवैध पार्किंग के खिलाफ एक्शन के संबंध में जवाब मांगा था। बताते चलें कि झिलमिल कॉलोनी जैसी घनी आबादी वाले इलाके में मौजूद इस ऑटो वर्कशॉप के दायरे में दो प्राइमरी स्कूल,एक मंदिर और एक गुरुद्वारा है।

Drivespark की राय
दरअसल इस वर्कशॉप के रिहायशी इलाके में होने की वजह से जहरीली गैसों से युवाओं और बच्चों में सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती है। यहां एयर और नॉइज पल्यूशन बढ़ने की भी प्रबल संभावना है।
इसके अलावा पानी की क्वालिटी खराब हो जाती है। इसलिए किसी भी वर्कशॉप या रिपेरिंग सेंटर का रिहायशी इलाके से बाहर होना चाहिए।


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