अब इस तरह वाहन पर दिखानी होगी फिटनेस की वैधता, जानें कार और बाइक के लिए क्या है नया नियम
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन के फिटनेस की वैद्यता को दर्शाने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है। इस अधिसूचना के अनुसार, वाहनों पर निर्धारित तरीके से फिटनेस प्रमाण पत्र और पंजीकरण की वैधता प्रदर्शित करनी होगी। नियमों के अनुसार, वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र 'दिन-महीने-साल' (DD-MM-YYYY) के प्रारूप में वाहन पर प्रदर्शित किये जाएंगे।

वाहन पर ऐसे प्रदर्शित करनी होगी फिटनेस की वैद्यता
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारी माल/यात्री वाहनों, मध्यम माल/यात्री वाहनों और हल्के मोटर वाहनों के मामले में, इसे विंडस्क्रीन के बाईं ओर ऊपरी किनारे पर प्रदर्शित किया जाएगा। ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा, ई-कार्ट और क्वाड्रिसाइकिल के मामले में भी इसे विंडस्क्रीन के बाईं ओर के ऊपरी किनारे पर प्रदर्शित किया जाएगा।

मोटरसाइकिलों के लिए, फिटनेस वैद्यता को वाहन के एक ऐसे विशेष भाग पर प्रदर्शित किया जाएगा जहां से इसे ठीक से देखा जा सके। अधिसूचना के अनुसार, वाहनों को नीले रंग की पृष्ठभूमि पर पीले रंग में एरियल बोल्ड लिपि में जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।

देश में बड़ी संख्या में चल रहे पुराने वाहन
देश में लाखों की संख्या में ऐसे पुराने वाहन चल रहे हैं जिनके फिटनेस की वैद्यता समाप्त हो चुकी है। परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 50 लाख से ज्यादा ऐसे हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) सड़कों पर चल रहे हैं जो 20 साल से भी अधिक पुराने हैं। वहीं 34 लाख ऐसे हलके मोटर वाहन हैं जो 15 साल से अधिक पुराने हैं।

इसके अलावा 17 लाख से भी ज्यादा ऐसे भारी मोटर वाहन (एचएमवी) हैं जो बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के चलाए जा रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि सड़कों पर चलने वाले ऐसे वाहन ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं, इसलिए इन्हें जल्द से जल्द चिन्हित कर स्क्रैप करना आवश्यक है।

बता दें कि 15 अगस्त 2021 से देश में वाहन कबाड़ नीति (व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी) को लागू किया गया है। यह नीति समय सीमा पार कर चुके पुराने वाहनों की पहचान कर उन्हें स्क्रैप करने की प्रक्रिया को चिन्हित करती है। वाहन कबाड़ नीति की तहत पुराना वाहन स्क्रैप करवाने वाले वाहन मालकों को उचित मुआवजा और नया वाहन खरीदने पर छूट जैसे कई नीतियों का उल्लेख किया गया है।

पुराने वाहनों पर बढ़ेगा टैक्स
केंद्र सरकार सभी पुराने निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर लगने वाले शुल्क को बढ़ाने जा रही है। अप्रैल 2022 से 15 साल से ज्यादा पुरानी बाइक, कार या बस के री-रजिस्ट्रेशन के लिए आठ गुना ज्यादा शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, इस नीति का दिल्ली के वाहन मालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली एनसीआर में पहले से ही 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से जयदा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है।

बता दें कि 1 अप्रैल 2022 से शुल्क के नए दरों को लागू किया जा रहा है। अब 15 साल से ज्यादा पुराने दोपहिया वाहन के पंजीकरण के लिए 300 रुपये के बजाये 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा। अगर आप 15 साल से ज्यादा पुरानी कार चलाते हैं तो अब रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के लिए 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा।

इसी तरह 15 साल से अधिक पुराने बस या ट्रक जैसे सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर भी वर्तमान की तुलना में आठ गुना अधिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इन वाहनों के लिए नवीनीकरण शुल्क 10,000 रुपये से लेकर 12,500 रुपये के बीच तय किया गया है। आयातित (इम्पोर्टेड) बाइक और कारों के लिए अब पंजीकरण और नवीनीकरण अधिक महंगा होगा। ऐसे दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और चारपहिया वाहनों के 40,000 का नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।


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