मोटर व्हीकल एक्ट: दिल्ली में हर घंटे हो रहा है हजारों वाहनों का पॉल्यूशन टेस्ट
नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ही पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। हर रोज यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों पर लाखों रुपयें का चालान कट रहे है। इसके साथ ही इस पर कई विवाद भी उत्पन्न हो रहे है।

कई लोगों ने इस कानून का विरोध किया है। वहीं कुछ लोग इस कानून को जरूरी भी बताते है। लेकिन देश के ज्यादातर राज्यों की सड़कों पर इस कानून को लेकर खौफ ही पसरा हुआ है।

इसलिए सभी लोग अपने वाहन से जुड़े कागजातों को दुरुस्त कराने में लगे है। इन्ही में एक जरूरी कागजात है पीयूसी यानि पॉल्यूशन टेस्ट। एक आकड़े के मुताबिक नया कानून के पास होने के बाद दिल्ली में ही सिर्फ हर दिन 50 वाहनों का पीयूसी हो रहा है।

यह आकड़ें चौकाने वाले है, क्योंकि इस तरह हर घंटे सिर्फ दिल्ली में ही 2,084 वाहनों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि देश भर में नया मोटर व्हीकल एक्ट 1 सितंबर से लागू हुआ था।

दिल्ली मे बीते 15 दिनों में 4 लाख से ज्यादा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट को जारी कर दिया गया है। इस बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एक सितंबर से रोजाना औसतन 50 हजार गाड़ियों का पॉल्यूशन टेस्ट हुआ।

वहीं नए कानून लागू होने से पहले पीयूसी सर्टिफिकेशन सेंटर्स पर रोज 10,000 से 12,000 पीयूसी सर्टिफिकेट जारी होते थे। कई दफा को छुट्टियों में भी लोगो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाने के लिए लाइनों में लगे नजर आते है।

दरअसल आम नागरिकों के बीच नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर डर बैठ गया है। क्योंकि नए कानून के मुताबिक सर्टिफिकेट नहीं होने पर 10 हजार रुपयें का भारी जुर्माना राशि देना पड़ता है। हालांकि पहले यह जुर्माना 1000 रुपयें और उसके बाद दो 2000 रुपयें किया गया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है।
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वहीं नए मोटर व्हीकल एक्ट के बाद पीयूसी कंप्लायांस में भी बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि पहले यह 20 फीसदी था। इस एक्ट से पहले रोजाना पॉल्यूशन सेंटर पर सिर्फ 10 से 12 वाहनों का ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जारी किया जाता था। अब इसकी संख्या 50 से ऊपर पहुंच गई है।
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आपको बता दें कि पॉल्यूशन जांच में आपकी वाहन कितना धुआं छोड़ती है, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और अन्य वायु पॉल्यूटेंट्स के इमिशन की जांच की जाती है। इससे यह पता चलता है कि वाहन इमिशन एंड पॉल्यूशन कंट्रोल मानकों का कितना पालन करती है।
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हालांकि पॉल्यूशन जांच के लिए आने वाले लोगों की भारी संख्या की वजह से सर्वर क्रैश हो रही है। वहीं लंबी लाइनों को देखते हुए नए पीयूसी सेंटर्स को लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। पीयूसी सेंटर्स के बाहर भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली सरकार ने टेस्ट सेंटर्स को रात 10 बजे तक खोलने का फैसला किया है।


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