शराब पीकर वाहन चलाना पड़ सकता है महंगा, 10 हजार रुपयें तक का लगेगा जुर्माना
भारत सरकार जल्द ही मोटर व्हीकल नियम में बदलाव करने जा रही है। नए नियम में कई संसोधन किए गए है। नया मोटर व्हीकल अधिनियम लागू हो जाता है, तो इससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलेगी।

साथ नए नियम के तहत यातायात नियम का नहीं पालन करने वाले व्यक्तियों पर भारी जुर्माना भी लगाए जाने का प्रावधान है। इस बार सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में किसी भी प्रकार की कोई रियात नहीं देने का मन बना लिया है। नए नियम पर अगर नजर डाले तो वाहनों का रास्ता न देने और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार रुपयें तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार लंबे समय से संजीदा थी और यह इस बार का मोटर व्हीकल नियम में यह देखने को मिल रहा है। ड्रंक एंड ड्राइव पर तो देश में हमेशा से ही सरकारा द्वारा कड़े नियम और सजा का प्रावधान रहा है।

वहीं इस बार सरकार ने आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पड़ भी जुर्माना लगाने का निश्चय कर लिया है। आपातकालीन वाहनों में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पीसीआर को शामिल किया गया है। इन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपयें तक का जुर्माना लग सकता है।

सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माना को 100 से बढ़ाकर 1000 रुपयें कर दिया गया है। हेल्मेट नहीं पहनने का आपका शौक भी मंहगा पड़ सकता है, बिना हेल्मेट के पकड़े जाने पर 1,000 जुर्माने के साथ तीन महीने तक लाइसेंस निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

अगर लाइसेंस रद्द होने के बाद भी वाहन चलाते है तो 10, 000 रुपयें का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर अब 500 से 5000 रुपयें तक देना पड़ सकता है। रेसिंग करते हुए पकड़े जाने पर 5000 रुपयें और ओवर लोडिंग 2000 रुपयें टन के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा।

वहीं नए नियम में नाबालिग को भी शामिल किया गया है। नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर वाहन मालिक को दोषी माना जाएगा और उस पर 25000 रुपयें जुर्माने के साथ तीन साल की जेल और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।

एक साथ कई गलतियां करने वालों से 1 लाख रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है। बिल में ये प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिश पर किए गए हैं। पहले भी इस बिल को पास किया था।

लेकिन सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की मांग थी कि बिल में बदलाव किया जाए। जिस कारण से यह लंबे समय तक पास नहीं हो पाया था। फिर बाद में लोकसभा के समापन के बाद निरस्त कर दिया गया था। नई सरकार के आने के बाद इसे फिर से पेश किया गया है।


Click it and Unblock the Notifications