उत्तरी दिल्ली में शुरू हुआ नया चार्जिंग स्टेशन, मार्च तक शुरू होंगे 52 चार्जिंग प्वाइंट
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए क्षेत्र के पहले सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया है। यह चार्जिंग स्टेशन रानीबाग पार्किंग लॉट में खोला गया है, जबकि दूसरा चार्जिंग पॉइंट झंडेवाला में खोला जाएगा जो इस सप्ताह के अंत तक शुरू हो जाएगा। उत्तरी दिल्ली नगर निगम का दावा है कि मार्च के अंत तक इस क्षेत्र में 52 चार्जिंग स्टेशनों को शुरू कर दिया जाएगा।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में बीईसीआईएल, सीईएसएल और टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के सहयोग से उत्तरी दिल्ली में 54 चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम सौंपा गया था। सरकारी उपक्रम बीईसीआईएल और सीईएसएल 17-17 चार्जिंग स्टेशन लगा रहे हैं जबकि टाटा पॉवर 20 को 20 चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम सौंपा गया है।

उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए ये चार्जिंग स्टेशन पब्लिक पार्क, वाहन पार्किंग लॉट, अस्पताल और मार्केट कॉम्प्लेक्स जैसे स्थानों के नजदीक बनाए जा रहे हैं। रानीबाग चार्जिंग स्टेशन सड़क नंबर 44 पर स्थित है और इसे 10 फरवरी से शुरू कर दिया गया है। यहां 50KW और 15 KW के दो-दो चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इस स्टेशन पर दो इलेक्ट्रिक कारों को एक साथ चार्ज किया जा सकता है। यहां दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग की भी सुविधा दी गई है।

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिए काम कर रहा है। एजेंसी ऐसे चार्जर और बैटरी स्वैप स्टेशन लगाने के लिए अपनी जमीन को लीज पर भी दे रही है। भूमि लीज मॉडल में सन मोबिलिटी के सहयोग से टीपीडीडीएल आजादपुर और रोहिणी आरजी-3 ग्रिड में दो बैटरी स्वैप स्टेशनों को तैनात किया गया है।

कंपनी ओपेक्स मॉडल पर भी काम कर रही है जहां वह निजी मालिकों को लीज के आधार पर ईवी चार्जर स्थापित करती है। इससे कंपनी को चार्जिंग यूनिट की स्थापना, संचालन और रखरखाव में मदद मिलेगी जबकि लीज राशि का भुगतान वास्तविक इकाई खपत के रूप में भूमि मालिक को किया जाएगा।

बता दें कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लागू होने के बाद ई-वाहनों की मांग में तेजी आई है। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति की वजह से इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर ग्राहक भारी बचत कर रहे हैं। दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर है जहां इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स पर पूरी तरह छूट दी जा रही है।

दिल्ली सरकार ने 2025 तक शहर में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है। दिल्ली सरकार ने पिछले दो सालों में शहर में 201 चार्जिंग स्टेशन और 380 ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करवाया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी शहर के मुकाबले अधिक है। इसके अलावा दिल्ली में 2022 के मध्य तक 600 और चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना है।

बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर बैटरी क्षमता के अनुसार सब्सिडी तय की गई है। योजना के तहत 1,000 इलेक्ट्रिक कारों पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाटऑवर (kWh) की दर से सब्सिडी तय की गई है। दिल्ली में एक इलेक्ट्रिक कार पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी का फायदा उठाया जा सकता है। वहीं, दोपहिया, तीनपहिया, फ्रीट और कूरियर इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।


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