केरल बाढ़: नौसेना ने हेलिकॉप्टर को छत पर उतारकर बचाई लोगों की जान
केरल बाढ़: भारतीय नौ सेना ने अपने हुनर के बूते एक ऐसा कारनाम कर दिखाया है जिसे जानकर हर कोई हैरान है।
केरल में आई बाढ़ ने लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया है, पूरे सूबे में चारो तरफ पानी ही पानी है। हर रोज भारतीय सेना सैकड़ों लोगों की जान बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगी है। इसी बीच भारतीय नौ सेना ने अपने हुनर के बूते एक ऐसा कारनाम कर दिखाया है जिसे जानकर हर कोई हैरान है। बाढ़ के पानी से भरी जमीन और बारीश के पानी से सिमटें जिस छत पर कोई नंगे पाव चढ़ने में भी घबरा जाये उसी छत पर भारतीय सेना के एक जाबांज शौर्य चक्र विजेता जवान ने सीकिंग 42बी हेलिकॉप्टर को उतारक लोगों की जान बचाई।

ये कारनामा ऐसा था जिसे असंभव माना जाता था लेकिन शौर्य चक्र विजेता पी. राजकुमार ने इसे संभव कर दिखाया। दरअसल, बीते दिनों केरल के चलाकुडी इलाके में बाढ़ का पानी कहर बन कर उतरा और पूरे इलाके को अपनी जद में ले लिया। इस बाढ़ की चपेट में कुछ लोग एक घर में फंस गये। इसी दौरान भारतीय नौसेना का हेलिकॉप्टर जिसे पी. राजकुमार उड़ा रहे थें वो इस इलाके में बचाव कार्य में जुटे थें।

हेलिकॉप्टर पर मौजूद टीम की नजरें उस घर पर पड़ी जहां लोग मदद के लिए हाथ हिलाकर इशारे कर रहे थें। राजकुमार की टीम ने तत्काल उन्हें बचाने की योजना बनाई। लेकिन उस घर के आस पास ऐसी कोई भी जगह नहीं थी जहां पर हेलिकॉप्टर को उतारा जा सके। इस दौरान घर के छत पर लगभग 20 से 25 लोग पहुंच गयें उनमें से ज्यादातर बुजुर्ग थें।
सेना ने हेलिकॉप्टर को छत के उपर ले जाने का फैसला किया और वो हेलिकॉप्टर लेकर छत के उपर पहुंच गयें। लेकिन घर में फंसे हुए लोगों में एक 80 साल की बुजुर्ग महिला भी थी जो कि हेलिकॉप्टर से नीचे उतारे गये बॉस्केट में चढ़ने में असमर्थ थी। तब पी. राजकुमार ने हेलिकॉप्टर को छत पर उतारने का फैसला किया। ऐसा करना किसी खतरे से कम नहीं था लेकिन राजकुमार को अपने हुनर पर पूरा भरोसा था और उन्होनें हेलिकॉप्टर को सुरक्षित छत पर उतार दिया और महिला को टीम ने हेलिकॉप्टर में बैठाया गया।

इस बारे में नैसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि, हमने पहले हेलिकॉप्टर को थोड़ा सा नीचे कर के लोगों को बॉस्केट के जरिये उपर लाने की कोशिश की। लेकिन एक बुजुर्ग महिला जो कि बॉस्केट में बैठने में असमर्थ उसके लिए हेलिकॉप्टर को छत पर उतारना पड़ा। उस घर में फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित हेलिकॉप्टर में बैठाकर उन्हें कोच्ची के आईएनएस गरूणा एयरबेस पर पहुंचाया गया।
पीआईबी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि, "यह मिशन सूर्यास्त के बाद का था और चालक दल पूरे दिन बचाव अभियान में शामिल होकर बुरी तरह थक चुका था। इसके अलावा, हेलिकॉप्टर भी लगातार बिना रूके लंबे समय से आॅपरेशन में बिजी था। ये एक जोखिम भरा मिशन था लेकिन कैप्टन राजकुमार ने कड़ी मेहनत के साथ ही सूझबूझ का परिचय देते हुए इस मिशन के लिए तैयारी की। इस दौरान टीम के पास कोई भी नाईट विजन डिवाइस नहीं था लेकिन लोगों को बचाना सबसे प्रमुख लक्ष्य था। इसलिए टीम ने बिना समय गवायें इस मिशन को सुरक्षित अंजाम दिया।"

आपको बता दें कि, जिस हेलिकॉप्टर को छत पर उतारा गया था उसका नाम सीकिंग 42बी है। भारतीय नौसेना इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल लंबे समय से कर रही है। भारतीय सेना ने सन 1971 में इस हेलिकॉप्टर को ब्रिटिश वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर लिमिटेड से लिया था और इसका प्रयोग आईएनएएस 330 पर किया जाता रहा है। 26 जुलाई 1971 को पहली बार सीकिंग हेलिकॉप्टर आईएनएस विक्रांता पर लैंड किया था। ये हेलिकॉप्टर कई तरह के अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकियों से लैस है।

गौरतलब हो कि, इस समय केरल में आई इस भयंकर बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए है। चारो तरह बचाव कार्य जारी है। बावजूद इसके मृतकों की संख्या बढ़कर 368 तक पहुंच गई है और राज्य के अलग अलग हिस्सों से तकरीबन 58,000 लोगों को बचाया गया है।


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